इंडिया का इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर मार्केट हाई ग्रोथ के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक कारों की सेल्स अगले वित्त वर्ष तक 5 लाख यूनिट के करीब पहुंच सकती है। वित्त वर्ष26 में देश में लगभग 2.0 लाख इलेक्ट्रिक कार बिकी थीं। यानी कुछ वर्ष में इलेक्ट्रिक कारों की सेल्स दोगुने से भी ज्यादा बढऩे की संभावना है। भारत में अप्रेल 2026 में 22878 और मई 2026 में 25880 इलेक्ट्रिक कार की सेल्स दर्ज की गऐ। ईरान वॉर के कारण दुनियाभर के देशों में इलेक्ट्रिक कार की सेल्स में तेज पिकअप दर्ज किया जा रहा है। फ्यूल सप्लाई और फ्यूल प्राइस जैसे दो बड़े ग्रोथ फेक्टर के कारण अमेरिका के इतर यूरोप और एशिया के देशों में ईवी सेल्स को लेकर रुझान तेजी से बढ़ा है। क्रिसिल रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ईरान वॉर फरवरी के आखिरी सप्ताह में शुरू हुआ था। इसके बाद मार्च, अप्रेल और मई में भारत में इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर की औसत महीने की सेल्स लगभग 40 परसेंट बढक़र रिकॉर्ड 26 हजार यूनिट्स के लेवल तक पहुंच गई। इस ग्रोथ का नतीजा यह हुआ कि पीवी मार्केट में इलेक्ट्रिक कारों का शेयर वित्त वर्ष26 के औसत 4.6 परसेंट से बढक़र 6.1 परसेंट हो गया। क्रिसिल के अनुसार, पेट्रोल और डीजल वेहीकल्स की ऑपरेटिंग कॉस्ट मई में तेल महंगा होने के कारण 7-8 परसेंट तक बढ़ गई। इससे इलेक्ट्रिक वेहीकल्स की टीसीओ (टोटल ओनरशिप कॉस्ट) का फायदा 3 परसेंट तक बढ़ गया। हालांकि, क्रिसिल का मानना है कि ईवी की मौजूदा तेजी केवल पेट्रोल-डीजल महंगा होने की वजह से नहीं है। सितंबर 2025 में पेट्रोल-डीजल वेहीकल्स पर जीएसटी कटौती के बाद कुछ समय के लिए इलेक्ट्रिक वेहीकल्स का लागत लाभ कम हुआ था और सेल्स ग्रोथ स्लो पड़ गई थी लेकिन अब डिमांड फिर मजबूत हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार इलेक्ट्रिक कारों का एंट्री प्राइस पॉइंट नीचे आने और लगातार नए मॉडल लॉन्च होने से बायर के लिए ज्यादा ऑप्शन मौजूद हैं। क्रिसिल रेटिंग्स के सीनियर डायरेक्टर और डिप्टी चीफ रेटिंग ऑफिसर मनीष गुप्ता के अनुसार, इलेक्ट्रिक कारों का लॉन्ग टर्म ग्रोथ आउटलुक मजबूत बना हुआ है। चार पहिया ईवी की सेल्स अगले वित्त वर्ष तक 5 लाख यूनिट पार कर सकती है और इनका मार्केट शेयर 4.6 परसेंट से बढक़र 8-10 परसेंट तक पहुंच सकता है। भारत में इलेक्ट्रिक कार मॉडल दो वित्त वर्षं में दोगुनी होकर लगभग 20 हो गए हैं। अगले वित्त वर्ष तक यह संख्या 35 से अधिक हो सकती है। कई कंपनियां 15 लाख से कम के प्राइस सैगमेंट में नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं। साथ ही प्रीमियम इलेक्ट्रिक मॉडल की ड्राइव रेंज 500-700 किमी तक मिल रही है जबकि मिड-रेंज मॉडल 300-450 किमी तक चल सकते हैं। क्रिसिल के अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष27 और वित्त वर्ष28 में ऑटो सेक्टर में लगभग 60 हजार करोड़ का इंवेस्टमेंट होना है जिसमें से 40 परसेंट से अधिक यानी 24 हजार करोड़ से ज्यादा इंवेस्टमेंट ईवी पोर्टफोलियो, सप्लाई चेन लोकलाइजेशन और मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी पर किया जाएगा।
