अमेरिकी अरबपति Elon Musk की कंपनी SpaceX आज यानि 12 जून 2026 को अमरीकी शेयर बाजार में इतिहास रचने जा रही है। करीब 75 बिलियन डॉलर जुटाने और 1.75 ट्रिलियन डॉलर के वैल्यूएशन के साथ यह दुनिया के सबसे बड़े IPO में से एक बनने जा रहा है। 10 जून को बंद हुए कंपनी के आईपीओ में निवेशकों का उत्साह इतना ज्यादा है कि कंपनी के शेयरों की मांग ऑफर किए गए शेयरों से लगभग 4 गुना बताई जा रही है। स्पेसएक्स के शेयर Nasdaq पर "SPCX" टिकर के साथ लिस्ट होंगे। भारतीय समय के अनुसार इसकी ट्रेडिंग शुक्रवार शाम 7 बजे शुरू होगी। स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट इंटरनेट और रक्षा क्षेत्र में कंपनी की मजबूत मौजूदगी ने इसे निवेशकों के बीच बेहद आकर्षक बना दिया है। हालांकि, इसके साथ कई सवाल और जोखिम भी जुड़े हुए हैं। कंपनी ने IPO का इश्यू प्राइस 135 डॉलर प्रति शेयर तय किया है। इस कीमत पर स्पेसएक्स की कुल वैल्यू 1.75 ट्रिलियन डॉलर बैठती है। तुलना करें तो यह दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों की मार्केट वेल्यू के बराबर है। यही वजह है कि कुछ विश्लेषकों को यह वैल्यूएशन काफी महंगा लग रहा है। भारतीय निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें सीधे ढ्ढक्कह्र में शेयर मिलने की संभावना बेहद कम है। अमेरिका की बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया भारत के ्रस्क्च्र सिस्टम जैसी नहीं है। ऐसे में अधिकांश भारतीय निवेशकों को लिस्टिंग के बाद अंतरराष्ट्रीय निवेश प्लेटफॉर्म या GIFT City स्थित NSE IX के माध्यम से शेयर खरीदने पड़ सकते हैं, बशर्तें संबंधित प्लेटफॉर्म और नियामकीय नियम इसकी अनुमति दें। दिलचस्प बात है इतने भारी वैल्यूएशन के बावजूद स्पेसएक्स अभी भी मुनाफे में नहीं है। स्पेसएक्स का IPO केवल शेयर बाजार इवेंट नहीं, बल्कि स्पेन इकोनॉमी में निवेशकों के भरोसे की बड़ी परीक्षा भी है। एक तरफ कंपनी के पास भविष्य की जबरदस्त ग्रोथ स्टोरी है, वहीं दूसरी तरफ भारी घाटा, ऊंची वैल्यूएशन और कर्ज जैसे जोखिम भी मौजूद हैं। ऐसे में यह लिस्टिंग बाजार को यह बताने वाली होगी कि निवेशक आज की कमाई से ज्यादा कल के सपनों पर कितना भरोसा करने को तैयार हैं।
