लोगों से संपर्क बनाने के कई फायदे होते हैं और यह स्किल रखने वाले लोग ज्यादा खुश व हेल्दी पाए जाते हैं। यह बात ध्यान में होते हुए भी ज्यादातर लोग ‘दूरी’ बनाएं रखने को चुनते हैं व अनजान लोगों से बात करने में कतराते हैं। यह सच है कि ज्यादातर लोग कम बात करने या बात को जल्दी खत्म करने की सोच में रहते है, किसी का आभार जताने में संकोच करते हैं, मदद मांगने में शर्म महसूस करते हैं व सहयोग देने की इच्छा होते हुए भी उसे कहकर नहीं बता पाते। इसके कई उदाहरण ट्रेन या हवाई यात्रा के दौरान देखें जा सकते हैं जहां छोटी या लम्बी यात्रा के बीच पास वाली सीट पर बैठे व्यक्ति से बात करने में ज्यादातर लोगों की रुचि नहीं होती जो मोबाइल या लेपटॉप के साथ टाइम पास करते हैं। कुछ महीनों पहले करीब 8 घंटे की हवाई यात्रा के दौरान मेेरे पास वाली सीट पर बैठे एक व्यक्ति से जब बातों का सिलसिला शुरू हुआ तो वह 4-5 घंटे तक चलता रहा। बातों में पता चला कि वह व्यक्ति पायलट है और एयर इंडिया के प्लेन उड़ाता है। उसने पायलट के काम के बारे में बताया, कैसे पायलट बना जाता है यह समझाया व इस सेक्टर के हालात पर खुलकर बात की। उसने भी मुझसे अखबार के बारे में पूछा, कैसे काम होता है यह समझा व इस बात पर आश्चर्य किया कि कैसे अखबार निकालने का सिस्टम 24 घंटे चलता है जिसमें हर काम के दो Option साथ लेकर चला जाता है। एक फायदा यह भी हुआ कि उसने वैष्णों देवी के मंदिर के दर्शन कभी भी जल्दी से जल्दी करवाने का भरोसा दिया क्योंकि उसके पिता वहां ट्रस्ट के सदस्य है व यह भी कहा कि मैं इसके लिए कभी भी संपर्क करने में कोई संकोच न रखूं।
वास्तव में किसी भी अजनबी से बात शुरू करने से पहले हमारे मन में कई सवाल उठने लगते हैं। हमें लगता है कि साथ बैठे व्यक्ति की शायद हमसे बात करने में रुचि न हो, शायद वह बुरा मान जाए या अनावश्यक बात करने पर हमें Ignore करने जैसा व्यवहार करें। ऐसे डर और बात करने के अनुभव (Experience) के बीच बहुत बड़ा फासला होता है। किसी से बिना काम संपर्क करने का चुनाव वे लोग कर पाते हैं जो क्चशद्यस्र (साहसी) हो व कांफिडेंस से बात कर पाते हो। यह ऐसी स्किल है जो हमारी खुशी, हेल्थ व कई मामलों में सफलता में भी सीधी जुड़ी होती है। अगले का Reaction (प्रतिक्रिया) देखें बिना हम यह पहले ही मान लेते हैं कि बात करना उसे ठीक नहीं लगेगा इसलिए पहल नहीं कर पाते। कई रिसर्च व सर्वे यह बताते हैं कि किसी अजनबी को नमस्ते या हेलो कहने पर ज्यादातर मामलों में नमस्ते या हेलो का ही जवाब मिलता है जिसके बाद बात आगे बढ़ाने का रास्ता खुला जाता है। अगर कोई चाहे तो इसे आजमा कर देखा जा सकता है। मदद मांगने, मदद करने, तारीफ करने, धन्यवाद देने, लम्बे समय से संपर्क में न रहे लोगों से बात करने की पहल करने जेसे काम यकीनन पॉजिटिव तरीके से ही लिए जाएंगे जिनसे मिलने वाली संतुष्टि अलग ही खुशी देने वाली साबित होगी। यह जरूरी नहीं है कि हम हर समय ही किसी की प्राइवेसी में दखल दे पर नेचर की पॉवर जिसे Common Sense कहा जाता है, इससे पता चल जाता है कि कोई संपर्क करने के बाद लम्बी बातचीत करने के लिए तैयार है या नहीं। अनजान लोगों से बात करने के लिए जो सोच ज्यादातर लोगों को रोकती है वास्तव में उसे तब Test (परीक्षा) किया जा सकता है जब अनजान लोगों से संपर्क करने के मौके उपलब्ध हो ताकि खुद के बारे में कई तरह के भ्रम दूर हो सके। इस परीक्षा में सफल होने के बाद अनजान लोगों से संपर्क करना ज्यादा आसान होता जाता है जो खुद के लिए व सामने वाले के लिए भी कई तरह से फायदेमंद हो सकता है।