टाटा मोटर्स प्रीमियम ईवी के रोलआउट प्लान को फास्ट्रेक करने के लिए चीन की चेरी से हाथ मिलाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, टाटा मोटर्स चेरी से एक ईवी प्लेटफॉर्म लाइसेंस पर लेने के प्लान पर काम कर रही है प्रीमियम ईवी के लॉन्च बैकलॉग को फिर से पटरी पर आ सके। टाटा मोटर्स ने कहा कि वह फ्रीलैंडर प्लेटफॉर्म का उपयोग करेगी, जिसे चीन में चेरी और जेएलआर के जेवी ने मिलकर डवलप किया है। इस प्लेटफॉर्म पर आधारित प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ने तमिलनाडु प्लांट में की जाएगी। हालांकि चीन की कार कंपनियों की भारत के ऑटो बाजार में सीधी पहुंच अभी भी काफी सीमित है, लेकिन चीन की ईवी कंपनियों के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ रहा है। भारत की सबसे बड़ी ईवी मेकर टाटा मोटर्स चेरी के प्लेटफॉर्म पर अपने प्रीमियम ईवी ब्रांड अविन्या को डवलप करेगी। इस ब्रांड के तहत कंपनी कम से कम दो नई इलेक्ट्रिक कार लाने के प्लान पर काम कर रही है जिनमें पहली कार 2027 में लॉन्च होगी। पहले कंपनी अविन्या रेंज के लिए जेएलआर के इलेक्ट्रिफाइड मॉड्यूलर आर्किटेक्चर (ईएमए) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना चाहती थी और 2025 तक नई गाडिय़ां लॉन्च करने की योजना थी। लेकिन पिछले साल जेएलआर ने भारत में ईएमए बेस्ड ईवी के प्रोजेक्ट को रोक दिया जिससे टाटा की पूरी स्ट्रेटेजी ही पटरी से उतर गई। एनेलिस्ट्स के अनुसार फ्रीलैंडर प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से टाटा के पास एडवांस्ड फीचर्स और कटिंग एज ईवी टेक्नोलॉजी रेडी हैंड मिल जाएगी और इन हाउस डवलप करने में टाइम और फंड इंवेस्ट नहीं करना पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक अविन्या की पहली ईवी 2027 में आएगी। शुरुआत में इसे चीन से किट के रूप में भारत भेजा जाएगा और यहां असेंबल किया जाएगा। साथ ही कंपनी धीरे-धीरे लोकल सप्लायर नेटवर्क भी डवलप कर रही है ताकि लोकेलाइजेशन बढ़ाया जा सके। दूसरी ईवी 2029 में लॉन्च हो सकती है और इसके बाद दो और मॉडल्स आने की भी संभावना है। टाटा मोटर्स ने कहा कि अविन्या को एक ग्लोबल प्रीमियम ब्रांड के रूप में प्रोमोट किया जाएगा और जेएलआर व जेएलआर के पार्टनर इसकी ग्लोबल ईवी स्ट्रेटेजी में शामिल रहेंगे। कंपनी का कहना है कि इस पार्टनरशिप से उसके लक्जरी ईवी सेगमेंट को मजबूती मिलेगी। चेरी ने कहा है कि वह टाटा मोटर्स पैसेंजर वेहीकल्स के लिए एक सप्लायर की भूमिका निभाएगी और हर प्रोजेक्ट के लिए अलग एग्रीमेंट किया जाएगा। जेएलआर पहले से ही चेरी के साथ मिलकर इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वेहीकल्स डवलप कर रही है। फ्रीलैंडर ब्रांड के तहत बनने वाली गाडिय़ां चेरी के टेक्नोलॉजी फ्रेमवर्क पर आधारित होंगी और चेरी के चांगशू प्लांट में बनेंगी। एनेलिस्ट्स के अनुसार चेरी के साथ यह पार्टनरशिप फिलहाल एक अस्थायी समाधान की तरह है। टाटा मोटर्स को ईवी मार्केट में अपनी लीडरशिप को बनाए रखने के लिए लगातार नए मॉडलों की जरूरत है। टाटा मोटर्स अपना खुद का डेडिकेटेड ईवी प्लेटफॉर्म डवलप करना चाहती है। टाटा की कुल सेल्स में ईवी का शेयर अभी लगभग 14 परसेंट है जिसे कंपनी 2030 तक बढ़ाकर 30 परसेंट से अधिक करना चाहती है। लेकिन महिंद्रा एंड महिंद्रा और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर जैसी कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिससे टाटा की लीडरशिप बरकरार रहने के बावजूद मार्केटशेयर में कमी आई है। सज्जन जिंदल की जेएसडब्ल्यू मोटर ने भी चेरी के साथ प्लेटफॉर्म लाइसेंसिंग डील की है। चेरी चीन की सबसे बड़ी कार एक्सपोर्ट है जो टेस्ला और टोयोटा की स्ट्रेटेजी के आधार पर अमेरिका, आसियान और लैटिन अमेरिका सहित कई बड़े मार्केट्स में विदेशी कंपनियों के साथ जेवी बना रही है।
पहली बार नहीं : आप जानते हैं कि 2012 में टाटा मोटर्स की जेएलआर ने चीन में चेरी के साथ जेवी बनाया था। वर्ष 2014 में टाटा मोटर्स भी चेरी के साथ प्लेटफॉर्म शेयरिंग और चायना मार्केट में एंट्री जैसे मामलों में पार्टनरशिप के लिए चेरी के साथ बातचीत कर रहा थी। उस समय टाटा अपनी स्मॉल कार स्ट्रेटेजी के लिए चेरी से प्लेटफॉर्म खरीदने पर भी विचार कर रही थी। 2017 और 2019 में खबर आई कि चेरी इंडिया एंट्री के लिए टाटा के साथ जेवी या तकनीकी साझेदारी चाहती है। लेकिन बात आई गई हो गई और फिर गलवान में झड़प के कारण मामला खटाई में पड़ गया।