सरकार ने सभी गैर-अधिसूचित कैंसर-रोधी दवाओं पर व्यापारिक लाभ को अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के 30 प्रतिशत पर सीमित करने का निर्णय लिया है, जिसके दायरे में ब्रांडेड और जेनेरिक, घरेलू और आयातित, तथा पेटेंट प्राप्त और गैर-पेटेंट वाली सभी दवाएं शामिल होंगी। सरकारी सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य दवाओं पर अत्यधिक व्यापारिक मुनाफे पर अंकुश लगाना है, ताकि इन जीवनरक्षक औषधियों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए इन्हें लोगों के लिए और अधिक किफायती बनाया जा सके। इस महीने के अंत में लागू होने वाले इस फैसले से 110 कैंसर-रोधी दवाओं की कीमतों में कमी आएगी, जिनमें पेटेंट प्राप्त 35 दवाएं भी शामिल हैं।