केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक प्राधिकरण स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी। यह प्राधिकरण एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक योजना, अनुसंधान, परियोजना मूल्यांकन तथा निगरानी, नीतिगत समर्थन और डेटा विश्लेषण के लिए शीर्ष निकाय के रूप में काम करेगा। आईटीएलए एक दीर्घकालिक परिवहन योजना तैयार करेगा, जिसके दायरे में सडक़, रेलवे, बंदरगाह तथा पोत परिवहन, नागर विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय पोत परिवहन, शहरी आवागमन और लॉजिस्टिक शामिल होंगे। आईटीएलए की स्थापना का फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने ‘‘परिवहन और लॉजिस्टिक के व्यापक क्षेत्रों में अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को मजबूत करने के लिए एक विशेष इकाई (एसपीवी) के रूप में एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक प्राधिकरण की स्थापना को मंजूरी दी।’’ इसका मकसद परिवहन से संबंधित कई मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच अलग-अलग योजनाओं तथा क्रियान्वयन से पैदा होने वाली पुरानी चुनौतियों का समाधान करना है। आईटीएलए से भारत में परिवहन अवसंरचना विकास की दक्षता और स्थिरता बढऩे की उम्मीद है। यह प्राधिकरण राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान के साथ तालमेल सुनिश्चित करने तथा बहुमॉडल बुनियादी ढांचा विकास को बढ़ावा देने के लिए परिवहन मंत्रालयों की अल्पकालिक क्षेत्रीय योजनाओं (लगभग पांच वर्ष) और वार्षिक योजनाओं का मूल्यांकन करेगा।