विदेशी मुद्रा प्रवासी (बैंक) जमा समेत एफडी के एवज में बैंकों का कर्ज 31 अगस्त, 2026 तक सालाना आधार पर 43.2 प्रतिशत बढक़र 2.04 लाख करोड़ रुपये हो गया। आरबीआई आंकड़ों से यह जानकारी मिली। एक साल पहले 31 अगस्त तक यह कर्ज 1.43 लाख करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष के आधार पर भी 31 मार्च, 2026 के 1.69 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इसमें 20.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एफडी के एवज में कर्ज में यह तेज वृद्धि ऐसे समय हुई है जब कुल बैंक कर्ज भी 31 अगस्त, 2026 तक सालाना आधार पर 19.1 प्रतिशत बढक़र 223.88 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 188.01 लाख करोड़ रुपये था। एफडी के एवज में कर्ज में ग्राहकों की जमा राशि के बदले बैंकों द्वारा दिए जाने वाले कर्ज शामिल होते हैं। इससे जमाकर्ता अपनी एफडी को समय से पहले तोड़े बिना पैसा जुटा सकते हैं। बैंकों ने विशेष विदेशी मुद्रा प्रवासी (एफसीएनआर-बी) जमा योजना के जरिये 31 अगस्त तक 133 अरब डॉलर जुटाए हैं। आरबीआई ने एफसीएनआर(बी) जमा, विदेशी मुद्रा में विदेशी उधारी (ओएफसीबी) और बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के लिए विशेष अमेरिकी डॉलर-रुपया विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा आठ जून, 2026 को शुरू की थी। एफसीएनआर(बी) जमा के लिए यह योजना 31 अगस्त तक खुली थी, जबकि ईसीबी और ओएफसीबी के लिए यह सुविधा 31 दिसंबर, 2026 तक उपलब्ध रहेगी। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, अधिकृत डीलर बैंकों द्वारा 18 सितंबर तक एफसीएनआर(बी), ईसीबी और ओएफसीबी के बारे में दी गई जानकारी के आधार पर कुल धन प्रवाह 143.596 अरब डॉलर रहा। इसमें एफसीएनआर(बी) जमा से 132.980 अरब डॉलर, ओएफसीबी से 5.320 अरब डॉलर और ईसीबी से 5.296 अरब डॉलर आए। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, उद्योग को बैंक कर्ज अगस्त में 18.2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में इसमें सात प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर-खाद्य बैंक कर्ज 31 अगस्त, 2026 को समाप्त पखवाड़े में सालाना आधार पर 18.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल पांच सितंबर को समाप्त इसी अवधि में इसमें 10.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।