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23-04-2026

आयकर के तहत कटौती की अनुमति देकर छोटी बचत को बढ़ावा दिया जाये : बीयूवीएम

  •  भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ज्ञापन भेजकर मिडिल क्लास परिवारों को आयकर भुगतान करने में आ रही दिक्कतों एवं उनके समाधान से अवगत कराया है।  ज्ञापन में गुप्ता ने लिखा कि  24बी के अन्तर्गत देय ब्याज की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख करनी चाहिये। जिससे हाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। धारा 16 के अन्तर्गत नौकरीपेशा व्यक्ति के लिये स्टैण्डर्ड डिडक्शन 1.20 लाख किया जायें। हैल्थ इन्श्योरेन्स, धारा-डी के अन्तर्गत डिडक्शन 1.25 लाख प्रीमियम का होना चाहिये। प्राईवेट लिमिटेड फर्म की तरह पार्टनरशिप फर्म पर भी कर दरें संधारित की जायें। शॉर्ट टर्म केपिटल गेन पर कर संधारण 10 प्रतिशत किया जाना चाहिये। आधार एवं पेन लिंक की तारीख को एक साल बढ़ाया जायें। ज्ञापन में बताया गया कि एसटीसीजी टैक्स दर घटाकर 10 प्रतिशत की जानी चाहिये। जीएसटी पर संतोषजनक प्राप्ति हो रही है। इसलिये आयकर पर सरचार्ज एवं सेस हटा देना करदाता को राहत प्रदान करेगा।  सुपर सीनियर सिटिजन को आयकर में 100 प्रतिशत और सीनियर सिटीजन को 50 प्रतिशत छूट दी जायें। छोटी-छोटी बचतें परिवार की इकॉनोमी को पुष्ट करती है। नयी प्रणाली में डिडक्शन नहीं है, इसे वापिस चालू किया जायें। धारा 80सी के तहत कटौती की सीमा को बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये की जायें। डेविडेन्ट प्राप्तकत्र्ता पर कर संधारित किया गया है। पूर्व की भांति कम्पनी द्वारा ही टैक्स देयता निर्धारित की जायें। ज्ञापन में इसके अलावा अनेक टैक्स संबंधी मुद्दों पर राहत देने की मांग की गई है।

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आयकर के तहत कटौती की अनुमति देकर छोटी बचत को बढ़ावा दिया जाये : बीयूवीएम

 भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ज्ञापन भेजकर मिडिल क्लास परिवारों को आयकर भुगतान करने में आ रही दिक्कतों एवं उनके समाधान से अवगत कराया है।  ज्ञापन में गुप्ता ने लिखा कि  24बी के अन्तर्गत देय ब्याज की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख करनी चाहिये। जिससे हाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। धारा 16 के अन्तर्गत नौकरीपेशा व्यक्ति के लिये स्टैण्डर्ड डिडक्शन 1.20 लाख किया जायें। हैल्थ इन्श्योरेन्स, धारा-डी के अन्तर्गत डिडक्शन 1.25 लाख प्रीमियम का होना चाहिये। प्राईवेट लिमिटेड फर्म की तरह पार्टनरशिप फर्म पर भी कर दरें संधारित की जायें। शॉर्ट टर्म केपिटल गेन पर कर संधारण 10 प्रतिशत किया जाना चाहिये। आधार एवं पेन लिंक की तारीख को एक साल बढ़ाया जायें। ज्ञापन में बताया गया कि एसटीसीजी टैक्स दर घटाकर 10 प्रतिशत की जानी चाहिये। जीएसटी पर संतोषजनक प्राप्ति हो रही है। इसलिये आयकर पर सरचार्ज एवं सेस हटा देना करदाता को राहत प्रदान करेगा।  सुपर सीनियर सिटिजन को आयकर में 100 प्रतिशत और सीनियर सिटीजन को 50 प्रतिशत छूट दी जायें। छोटी-छोटी बचतें परिवार की इकॉनोमी को पुष्ट करती है। नयी प्रणाली में डिडक्शन नहीं है, इसे वापिस चालू किया जायें। धारा 80सी के तहत कटौती की सीमा को बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये की जायें। डेविडेन्ट प्राप्तकत्र्ता पर कर संधारित किया गया है। पूर्व की भांति कम्पनी द्वारा ही टैक्स देयता निर्धारित की जायें। ज्ञापन में इसके अलावा अनेक टैक्स संबंधी मुद्दों पर राहत देने की मांग की गई है।


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