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23-04-2026

‘केंद्र सरकार की ‘भव्या’ योजना से इंडस्ट्रीयल विकास को मिलेगी गति’

  •  राजस्थान में अत्याधुनिक इंडस्ट्रीययल हब डवलप करने एवं भावी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उद्यमियों को बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की भव्या योजना के अंतर्गत 5 इंडस्ट्रीयल एरिया विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। केंद्र सरकार द्वारा भव्या योजना (Building High Impact Value Yards for Accelerated Developmen) देश में इंडस्ट्रीयल स्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसे दो फेज में क्रियान्वित किया जायेगा। प्रत्येक फेज में 50 इंडस्ट्रीयल एरिया को गुणवत्ता के आधार पर सलेक्ट किया जायेगा। यह योजना केन्द्र सरकार के इंडस्ट्री एवं इंटरनल ट्रेड प्रमोशन विभाग के नेतृत्व में संचालित होगी तथा नेशनल इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर डवलपमेंट कॉरपोरेशन इस योजना के लिये क्रियान्वयन एजेंसी होगी। इसके अंतर्गत सलेक्ट किए गये इंडस्ट्रीयल एरिया को विकसित करने हेतु अधिकतम एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ का वित्तीय सहयोग प्रदान किया जायेगा, जबकि लैंड की उपलब्धता राज्य की नोडल एजेंसी को करनी होगी। भव्या योजना का लाभ उठाने के लिये राज्य सरकार ने बालोतरा, जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं दौसा जिलों में इंडस्ट्रीयल एरिया विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। योजना के अंतर्गत प्रस्तावित अधिकांश इंडस्ट्रीयल एरिया की लोकेशन दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (ष्ठरूढ्ढष्ट) के प्रभाव क्षेत्र में आती है। राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत चिन्हित क्षेत्रों का चयन करते समय कनेक्टिविटी, कच्चे माल की उपलब्धता, इंडस्ट्रीयल लैंड की मांग, स्टोरेज की सुविधा, पास में नगरीय क्षेत्र आदि कारकों का ध्यान रखा है, जिससे राज्य के प्रत्येक महत्वपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र में इस योजना का अधिकतम लाभ लिया सके। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित इन इंडस्ट्रीयल हब में अत्याधुनिक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और सरल प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।  इस योजना में केंद्र सरकार के सहयोग से चयनित इंडस्ट्रीयल एरिया को बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रीयल क्लस्टरिंग का लाभ मिलेगा। परियोजनाओं के तेज क्रियान्वयन के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) मॉडल अपनाया जाएगा। इन परियोजनाओं के लिए चयनित लोकेशन पर समुचित भूमि उपलब्ध है जिसके परिणामस्वरूप परियोजना का क्रियान्वयन निर्बाध रूप से एवं तय समय में पूर्ण किया जा सकेगा। 

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‘केंद्र सरकार की ‘भव्या’ योजना से इंडस्ट्रीयल विकास को मिलेगी गति’

 राजस्थान में अत्याधुनिक इंडस्ट्रीययल हब डवलप करने एवं भावी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उद्यमियों को बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की भव्या योजना के अंतर्गत 5 इंडस्ट्रीयल एरिया विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। केंद्र सरकार द्वारा भव्या योजना (Building High Impact Value Yards for Accelerated Developmen) देश में इंडस्ट्रीयल स्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसे दो फेज में क्रियान्वित किया जायेगा। प्रत्येक फेज में 50 इंडस्ट्रीयल एरिया को गुणवत्ता के आधार पर सलेक्ट किया जायेगा। यह योजना केन्द्र सरकार के इंडस्ट्री एवं इंटरनल ट्रेड प्रमोशन विभाग के नेतृत्व में संचालित होगी तथा नेशनल इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर डवलपमेंट कॉरपोरेशन इस योजना के लिये क्रियान्वयन एजेंसी होगी। इसके अंतर्गत सलेक्ट किए गये इंडस्ट्रीयल एरिया को विकसित करने हेतु अधिकतम एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ का वित्तीय सहयोग प्रदान किया जायेगा, जबकि लैंड की उपलब्धता राज्य की नोडल एजेंसी को करनी होगी। भव्या योजना का लाभ उठाने के लिये राज्य सरकार ने बालोतरा, जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं दौसा जिलों में इंडस्ट्रीयल एरिया विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। योजना के अंतर्गत प्रस्तावित अधिकांश इंडस्ट्रीयल एरिया की लोकेशन दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (ष्ठरूढ्ढष्ट) के प्रभाव क्षेत्र में आती है। राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत चिन्हित क्षेत्रों का चयन करते समय कनेक्टिविटी, कच्चे माल की उपलब्धता, इंडस्ट्रीयल लैंड की मांग, स्टोरेज की सुविधा, पास में नगरीय क्षेत्र आदि कारकों का ध्यान रखा है, जिससे राज्य के प्रत्येक महत्वपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र में इस योजना का अधिकतम लाभ लिया सके। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित इन इंडस्ट्रीयल हब में अत्याधुनिक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और सरल प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।  इस योजना में केंद्र सरकार के सहयोग से चयनित इंडस्ट्रीयल एरिया को बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रीयल क्लस्टरिंग का लाभ मिलेगा। परियोजनाओं के तेज क्रियान्वयन के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) मॉडल अपनाया जाएगा। इन परियोजनाओं के लिए चयनित लोकेशन पर समुचित भूमि उपलब्ध है जिसके परिणामस्वरूप परियोजना का क्रियान्वयन निर्बाध रूप से एवं तय समय में पूर्ण किया जा सकेगा। 


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