औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कोटा को उसका पहला प्राइवेट इंडस्ट्रीयल पार्क अर्बना टेक्नोपार्क के रूप में मिल गया है। अर्बना टेक्नोपार्क के डायरेक्टर व ऑटोमोबाइल कारोबारी अनिल मूंदड़ा ने शुभारंभ समारोह में बताया कि अर्बना टेक्नोपार्क केवल इंडस्ट्रीयल भूखंड उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उद्योगों के समग्र विकास के लिए आवश्यक इकोसिस्टम प्रदान करता है। यह कोटा को पुन: औद्योगिक पहचान दिलाने में सहायक बनेगा। कोटा एक बार फिर औद्योगिक नगरी का ताज पहनेगा और अर्बना टेक्नोपार्क उस ताज की पहली कड़ी है। उन्होंने कहा कि हम युवा उद्यमियों को केवल जमीन नहीं बेच रहे, हम एक उद्यमी का सपना व इंडस्ट्री को खड़ा करने में भागीदार बन रहे है। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय माहेश्वरी समाज के राजेश बिरला ने कहा कि इस पार्क में उद्यमियों को अपने उद्योग लगाने में सरल प्रक्रिया के तहत भूखण्ड के साथ समस्त सुविधाएं उपलब्ध होगी। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने कहा कि उद्यमियों को बिना सरकारी अचडऩों के उद्योगों के लिए फ्री लैंड के तहत भूखंड मिलेंगे। दी एसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंदराम मित्तल ने कहा कि इस जैसे प्रोजेक्ट की यहां पर अत्यंत आवश्यकता थी। यह परियोजना कोटा के औद्योगिक निवेश को एक नई गति देगी। प्रोजेक्ट के सेल्स व मार्केटिंग पार्टनर भारत एलएलपी के कुणाल गुप्ता व सहज पोद्दार के अनुसार प्रथम चरण में 2,29,000 वर्गमीटर का इंडस्ट्रीयल व कॉमर्शियल क्षेत्र उपलब्ध है। इसमें 500 से 20,000 वर्गमीटर तक के भूखंड उपलब्ध है। शुभारंभ से पहले ही दिन 70,000 वर्गमीटर से अधिक की बिक्री हो चुकी है। यह प्रोजेक्ट रेरा राजस्थान से अप्रूव्ड है। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (क्रढ्ढक्कस्) के तहत निवेशकों को विशेष सरकारी लाभ भी मिलेगा। पवन मूंदड़ा ने बताया कि यह प्रोजेक्ट एनएच 52 पर स्थित मंडाना टोल प्लाजा के पास स्थित है। शहर से करीब 22 किलोमीटर की दूरी पर यह प्रोजेक्ट स्थित है।