राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 30,000 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को क्रियान्वित करने की तैयारियां चल रही हैं। इंडस्ट्री एंड कॉमर्स विभाग ने लोन वितरण में तेजी लाने के लिए लक्ष्य से दोगुना यानी 60,000 एप्लीकेशन जून माह तक बैंकों को भेजने की योजना बनाई है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इनमें से 30,000 आवेदन अप्रैल माह के अंत तक, उसके बाद मई और जून में 15,000-15,000 आवेदन भेजे जाएंगे। इस योजना के तहत, कक्षा 8 से 12 पास आवेदक सेवा और व्यापार के लिए 3.5 लाख रुपये और मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर के लिए 7.5 लाख रुपये तक के इंटरेस्ट फ्री लोन के पात्र हैं। उन्हें 35,000 रुपये तक की मार्जिन मनी सहायता भी मिलेगी। स्नातकों, आईटीआई ट्रेंड एप्लीकेंट और हाई एजुकेशन प्राप्त लोगों के लिए सर्विस और ट्रेड सेक्टर के लिए 5 लाख रुपये तक और मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करती है, साथ ही 50,000 रुपये तक की मार्जिन मनी सहायता भी देती है। जिलों को निर्धारित टाइम लाइन में अपने निर्धारित लक्ष्यों से दोगुनी संख्या में आवेदन भेजने के निर्देश दिए गए हैं। उद्योग और वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि इस स्कीम के तहत अब तक 73,000 से ज्यादा एप्लीकेशन मिल चुकी हैं। ये आवेदन उन लोगों की तरफ से आए हैं, जो अपना खुद का कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद चाहते हैं। इन आवेदनों से कुल मिलाकर लगभग 3,580 करोड़ रुपये के लोन की मांग सामने आई है। अब तक जिला उद्योग केंद्रों द्वारा 31,000 से ज्यादा आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं। इस योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने 12 जनवरी, 2026 को की थी, और इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 22 जनवरी से शुरू हुई। सक्सेना ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बड़ी संख्या में युवाओं को आर्थिक सहायता देकर स्वरोजगार का माहौल तैयार करना है।