भारतीय रेलवे में वित्त वर्ष 2025-26 में 741 करोड़ यात्रियों ने सफर किया है और ब्रॉड गेज नेटवर्क के 99.6 प्रतिशत हिस्से का विद्युतीकरण हो चुका है, जिसमें करीब 25,000 ट्रेनों का संचालन प्रतिदिन किया जा रहा है। यह जानकारी सरकार की ओर से दी गई। बयान में कहा गया कि वित्त वर्ष 2025-26 में कुल आय बढक़र करीब 80,000 करोड़ रुपए की हो गई है। कुल माल ढुलाई बढक़र 1,670 मिलियन टन (एमटी) तक पहुंच गई है। 2014 तक भारत के रेलवे नेटवर्क का केवल 20 प्रतिशत ही विद्युतीकृत था, जिससे परिचालन दक्षता सीमित थी और डीजल फ्यूल पर निर्भरता अधिक थी। मार्च 2026 तक 69,873 रूट किलोमीटर (आरकेएम) का विद्युतीकरण हो चुका है, जो 2014 में 21,801 आरकेएम था। सरकार ने बताया कि रेलवे विद्युतीकरण से 2024-25 में लगभग 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई, जिससे कच्चे तेल के इंपोर्ट में कमी आई और लगभग 6,000 करोड़ रुपए की बचत हुई। देश में विद्युतीकरण का स्तर अब ब्रिटेन (39'), रूस (52') और चीन (82') से अधिक है। कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 3,100 किलोमीटर से अधिक मार्गों पर चालू हो चुकी है, और अतिरिक्त 24,400 किलोमीटर मार्गों पर इसका कार्यान्वयन जारी है। वीडियो निगरानी प्रणाली (वीएसएस) का विस्तार 1,874 रेलवे स्टेशनों तक किया गया है, जिसमें यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए एआई-आधारित विश्लेषण और चेहरे की पहचान तकनीक का उपयोग किया जाता है। एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली (आईपीआईएस), जो राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली से जुड़ी है, 1,405 स्टेशनों पर लागू की गई है, जिससे समय पर घोषणाएं और यात्रियों के साथ बेहतर संचार सुनिश्चित होता है।