वित्त वर्ष 2026 में पर्सनल लोन की ग्रोथ रेट घटकर 12.9 परसेंट रह गई। कोविड के बाद से ही पसर्नल लोन की ग्रोथ रेट कुल बैंक क्रेडिट ग्रोथ के मुकाबले कहीं तेज चल रही थी लेकिन अब इसमें करेक्शन आने लगा है। हालांकि, कुल बैंक क्रेडिट में इसका शेयर अब भी 30.7 परसेंट के हाई लेवल पर है। आरबीआई द्वारा जारी सालाना बेसिक स्टैटिस्टिकल रिटन्र्स (बीएसआर) के अनुसार, प्राइवेट कॉर्पोरेट सेक्टर को दिए गए लोन कुल बैंक क्रेडिट के एक-चौथाई से अधिक रहे और इनमें एक वर्ष पहले के 11.9 परसेंट की तुलना में 15.5 परसेंट की ग्रोथ दर्ज की गई।इस बीच, बैंक डिपॉजिट ग्रोथ पिछले वित्त वर्ष के अंत तक बढक़र 11.5 परसेंट हो गई। बैंकिंग सिस्टम में डिपॉजिट स्ट्रक्चर में भी बदलाव देखने को मिला। मार्च 2022 में चालू और बचत खाता (कासा) का शेयर 34.6 परसेंट था, जो मार्च 2026 तक घटकर 28.7 परसेंट रह गया। दूसरी ओर, टर्म डिपॉजिट का शेयर 55.2 परसेंट से बढक़र 61.6 परसेंट हो गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि डिपॉजिटर ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाले निश्चित अवधि जमा (टर्म डिपॉजिट) की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। बैंक डिपॉजिट में सबसे बड़ा शेयर हाउसहोल्ड फैमिली का रहा और कुल डिपॉजिट में इनका शेयर 59.3 परसेंट रहा। वहीं, कुल बैंक क्रेडिट ग्रोथ मार्च 2026 के अंत तक सालाना आधार पर बढक़र 14.1 परसेंट हो गई, जो एक वर्ष पहले 11.1 परसेंट थी। रिपोर्ट के अनुसार, 7 परसेंट से कम इंटरेस्ट रेट्स वाले लोन का शेयर बढक़र 64.2 परसेंट हो गया। इसी प्रकार, 7 परसेंट से कम इंटरेस्ट रेट्स वाले डिपॉजिट्स का शेयर भी एक वर्ष पहले के 27.3 परसेंट से बढक़र 61.8 परसेंट हो गई। कुल डिपॉजिट में सीनियर सिटिजन्स का शेयर पिछले चार वित्त वर्ष में लगभग स्थिर रहा और 20 परसेंट के आसपास बना रहा। एग्रीकल्चर एंड इंडस्ट्रीज में क्रेडिट ग्रोथ में भी तेजी आई। एग्री क्रेडिट की ग्रोथ रेट 8.1 से बढक़र 14.4 परसेंट हो गई, जबकि इंडस्ट्रीज में यह 9.4 परसेंट से बढक़र 12.0 परसेंट रही। कुल बैंक क्रेडिट में एग्रीकल्चर और इंडस्ट्री का शेयर क्रमश: 12.9 और 22.4 परसेंट रहा। कुल बैंक क्रेडिट में हाउसहोल्ड का शेयर 14.3 परसेंट ग्रोथ के साथ 58.6 परसेंट रहा और 60 परसेंट क्रेडिट ग्रोथ इसी के कारण हुई। कुल बैंक क्रेडिट में इंडिविजुअल बॉरोअर्स का शेयर 47.8 परसेंट पर स्थिर बना रहा।
