सेबी द्वारा मैन बोर्ड आईपीओ की वैलेडिटी पीरियड्स में ढील दिए जाने के बाद स्टॉक एक्सचेंजों ने लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) जारीकर्ताओं को भी इसी तरह राहत प्रदान की है, जिससे वोलेटाइल मार्केट कंडीशन्स के कारण पब्लिक इश्यूज में देरी करने वाली कंपनियों को कुछ हद तक राहत मिली है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज दोनों ने एसएमई की लिस्टिंग के लिए प्रिंसिपल अप्रूवल्स की समय सीमा को एक बार के लिए बढ़ाने की घोषणा की है, जिनकी समय सीमा समाप्त होने वाली है। दोनों एक्सचेंजों ने यह कदम मंगलवार को सेबी के परिपत्र के अनुरूप है, जिसमें कैपिटल मार्केट से फंडरेजिंग में चुनौतियों का सामना कर रहे जारीकर्ताओं को फ्लैक्सिीबिटी प्रदान की गई है। एनएसई के अनुसार एनएसई इमर्ज पर लिस्टिंग के लिए 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 के बीच समाप्त होने वाली प्रिंसिपल अप्रूवल्स की वैधता 30 सितंबर, 2026 तक बढ़ा दी जाएगी। यह विस्तार लीड मैनेजर द्वारा ऑफर डॉक्यूमेंट दाखिल करते समय आईसीडीआर नियमों के अनुपालन की पुष्टि करने वाले वचन पर निर्भर है। बीएसई ने अपने एसएमई प्लेटफॉर्म के लिए भी इसी तरह का सर्कुलर जारी किया है। करीब 10 से 15 एसएमई आईपीओ की अप्रूवल्स की अवधि समाप्त होने वाली है, जिसके चलते वे मार्केट की बेहतर स्थितियों का इंतजार कर सकते हैं। सेबी ने कहा कि यह छूट उन अभ्यावेदनों के बाद दी गई है, जिनमें जियो पॉलिटिकल टेंशन्स सहित ग्लोबल अनसर्टेनिटी के बीच फंडरेजिंग की चुनौतियों का हवाला दिया गया है, जिसके कारण कंपनियों को आईपीओ योजनाओं को स्थगित या वापस लेना पड़ा है।