तंबाकू और धूम्रपान से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 31 मई को विश्व धूम्रपान निषेध दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हेल्थ एडवाइजरी जारी कर तंबाकू छोडऩे से होने वाले लाभ के बारे में बताया है। डब्ल्यूएचओ ने एक्स पर लिखा कि तंबाकू का सेवन करने वालों में से लगभग 60 फीसदी लोग इसे छोडऩा चाहते हैं। शायद आप भी उनमें से एक हों। दुनिया भर में यह संख्या 75 करोड़ है। तंबाकू छोडऩे से आपके स्वास्थ्य को कई फायदे हो सकते हैं। 20 मिनट में आपकी हृदय गति कम हो जाती है। 2-12 हफ्तों में आपके फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार होता है। इसके अलावा एक साल में हृदय रोग का खतरा आधा हो जाता है। विश्वभर में 13-15 वर्ष की आयु के कम से कम 4 करोड़ बच्चे तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं। युवाओं में ई-सिगरेट और निकोटीन पाउच का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन दुनिया भर की सरकारों से आग्रह करता है कि वे नई पीढ़ी को तंबाकू और निकोटीन उत्पादों की लत से बचाएं। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि तंबाकू और निकोटीन कंपनियां जानबूझकर अपने उत्पादों को अधिक आकर्षक, उपयोग में आसान और छोडऩे में मुश्किल बनाने के लिए उनमें बदलाव कर रही हैं। डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य निर्धारक, संवर्धन और रोकथाम विभाग के निदेशक डॉ. एटियेन कु्रग ने कहा कि तंबाकू लाखों लोगों की जान ले रहा है, फिर भी प्रमुख तंबाकू कंपनियां अपने व्यापार मॉडल को नया रूप दे रही हैं। घातक सिगरेट से मुनाफा कमाना जारी रखे हुए हैं, साथ ही अगली पीढ़ी को लत लगाने के उद्देश्य से फ्लेवर्ड ई-सिगरेट, निकोटीन पाउच और अन्य निकोटीन उत्पादों को आक्रामक रूप से बढ़ावा दे रही हैं।
किशोरों में वेपिंग बनी नई चुनौती इस दौर में स्मोकिंग से ज्यादा वेपिंग एक चुनौती के तौर पर उभर रही है। किशोर इसके मकडज़ाल में फंसते जा रहे हैं। 2000-2024 के बीच तंबाकू उपयोग की व्यापकता के रुझानों और 2025-2030 के अनुमानों पर वैश्विक रिपोर्ट गत दो वर्षों पहले प्रकाशित संस्करण का एक अपडेट है। ये हाल ही में जारी डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट ऑन द ग्लोबल टोबैको एपिडेमिक, 2025/ का एक महत्वपूर्ण पूरक भी है। ये दोनों रिपोर्ट्स मिलकर यह दर्शाती हैं कि लगभग सभी देश प्रभावी तंबाकू नियंत्रण उपायों को अपनाने और लागू करने में आगे बढ़ रहे हैं। कई देश पहले से ही इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें तंबाकू उपयोग में उल्लेखनीय कमी शामिल है, और इसके परिणामस्वरूप सीधे स्वास्थ्य और आर्थिक लाभ भी देखे जा रहे हैं। रिपोर्ट कहती है कि दुनिया भर में तंबाकू सेवन को कम करने के प्रयासों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2000 में जहां 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 1.379 अरब लोग किसी न किसी तंबाकू उत्पाद का उपयोग करते थे, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर 1.202 अरब रह गई। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। हालांकि, तंबाकू उपयोग में यह गिरावट एक नई चुनौती के साथ सामने आई है। दुनिया भर में लगभग 1.5 करोड़ किशोर, जिनकी आयु 13 से 15 वर्ष के बीच है, ई-सिगरेट या वेपिंग का उपयोग कर रहे हैं। जिन देशों में इस संबंध में आंकड़े उपलब्ध हैं, वहां किशोर, वयस्कों की तुलना में औसतन नौ गुना अधिक वेपिंग करते पाए गए हैं। इसके अलावा, करीब 4 करोड़ किशोर पारंपरिक तंबाकू उत्पादों का भी सेवन कर रहे हैं। तंबाकू का सेवन आज भी दुनिया में रोकी जा सकने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में शामिल है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, हर वर्ष 70 लाख से अधिक लोगों की मौत तंबाकू सेवन से होती है। यह हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियों और 20 से अधिक प्रकार के कैंसर से जुड़ा हुआ है।