भारत सरकार इंश्योरेंस के सैक्टर में भी यूपीआई जैसा डिजिटल इंटीग्रेटर प्लेटफॉर्म लाने की तैयारी कर रही है। जून 2026 से बीमा सुगम पर ऐसे जनरल इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स आने की उम्मीद है जिनमें किसी तरह का कमीशन शामिल नहीं होगा। जानकारी के अनुसार इससे ग्राहकों को पॉलिसी लेना ज्यादा किफायती हो जाएगा। साथ ही पॉलिसी समझने में भी पहले से ज्यादा सहूलियत होगी। इस कदम का मकसद इंश्योरेंस को सस्ता, ट्रांसपेरेंट और लोगों के लिए सरल बनाना है। बीमा से जुड़े कामों को आसान बनाने के लिए इस प्लेटफॉर्म को ऑल-इन-वन सॉल्यूशन के रूप में तैयार किया जा रहा है। बीमा सुगम के साथ लोग पॉलिसी खरीदने, रिन्यू करने और क्लेम करने जैसे सभी काम बिना किसी बिचौलियों के सीधे और आसानी से कर सकेंगे। आने वाले बदलावों में सबसे अहम बात यह है कि बीमा प्रोडक्ट्स पर लगने वाला कमीशन खत्म किया जा सकता है। अब एजेंट्स की जगह कंपनियां प्लेटफॉर्म को लगभग 5 से 7 परसेंट तक फीस देंगी जिससे कुल लागत कम हो सकती है और ग्राहकों को सस्ता प्रीमियम मिलने की उम्मीद होगी। साथ ही, पॉलिसी को समझने की प्रक्रिया को भी आसान किया जा रहा है। स्टैंडर्ड प्लान्स के साथ-साथ कुछ अतिरिक्त ऑप्शन जोडऩे की सुविधा होगी। इससे अलग-अलग बीमा योजनाओं की तुलना करना बेहद सरल हो जाएगा, जिससे बीमा खरीदने वाले बेहतर चुनाव कर सकते हैं। बीमा सुगम में प्रोडक्ट्स को एक साथ लॉन्च करने के बजाय इन्हें अलग-अलग चरणों में शुरू किया जाएगा। इसकी शुरुआत जून 2026 से न्यू मोटर इंश्योरेंस से हो सकती है। इसके अगले चरण में अगस्त तक रिन्यूअल से जुड़े प्लान्स और हेल्थ इंश्योरेंस को भी शामिल किए जाने की उम्मीद है। सितंबर 2026 तक जीवन बीमा से जुड़े टर्म प्लान्स को जोड़ा जाएगा।