ये नारा सुना है ना...कहां पड़े हो चक्कर में, कोई नहीं है टक्कर में... भारत के पैसेंजर वेहीकल मार्केट पर बिल्कुल सही बैठ रहा हैै। इस मार्केट में प्रीमियमाइजेशन और दूसरा एसयूवाइजेशन (एसयूवी) का ट्रेंड है और एसयूवी के सामने कोई भी सैगमेंट टक्कर में नहीं बचा है। वित्त वर्ष 26 में भारत में पैसेंजर वेहीकल्स के कुल डीलर डिस्पैच 8.46 परसेंट की ग्रोथ के साथ 47,07,000 यूनिट (47 लाख 7 हजार) तक पहुंच गए। इस ग्रोथ में हेवीलिफ्टिंग (ज्यादा योगदान) की ज्यादातर जिम्मेदारी एसयूवी की रही, जिनकी सेल्स में 12.66 परसेंट की डबल डिजिट ग्रोथ हुई। इस ग्रोथ के दम पर कुल पीवी मार्केट में एसयूवी का शेयर भी बढक़र 56.72 परसेंट हो गया। साथ ही एमपीवी का शेयर 10.41 परसेंट रहा। यानी पीवी में यूवी सैगमेंट का कुल शेयर 67.13 परसेंट तक पहुंच गया। इसका सीधा अर्थ है कि हैचबैक, सेडान और वेन का दखल केवल 33 परसेंट मार्केट तक सिमट गया है। वित्त वर्ष 26 में एसयूवी सैगमेंट में कुल सेल्स 26,70,000 यूनिट्स की रही जबकि वित्त वर्ष 25 के 23,70,000 यूनिट्स ही बिकी थीं। इसके विपरीत, हैचबैक सेगमेंट गिरावट में रहा और इसकी सेल्स -3.14 परसेंट घटकर 10,20,000 से 9,88,000 यूनिट पर आ गई। इसके उलट एमपीवी सेगमेंट की ग्रोथ 6.52 परसेंट, वैन की 6.67 परसेंट और सेडान कीे सबसे ज्यादा 17.35 परसेंट रही। मार्केट शेयर के लिहाज से केवल एसयूवी (कुल यूवी नहीं) वित्त वर्ष 26 में 56.72 परसेंट तक पहुंच गए जो वित्त वर्ष 25 में 54.61 परसेंट था। वहीं हैचबैक का शेयर 23.50 परसेंट से घटकर 20.99 परसेंट रह गया। इस दौरान एमपीवी 10.41 परसेंट, सेडान 8.48 परसेंट और वैन का 3.40 परसेंट शेयर रहा और इनमें अमूमन कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि वित्त वर्ष 27 तक एसयूवी का शेयर 60 परसेंट तक पहुंच सकता है। एसयूवी की सेल्स में आ रही इस फास्ट्रेक ग्रोथ का बड़ा कारण लगातार नए मॉडल लॉन्च होना है। पिछले एक वर्ष के दौरान मारुति विक्टोरिस, टाटा सिएरा, रेनो डस्टर जैसे नए मॉडलों के साथ ही ह्यूंदे वेन्यू, किआ सेल्टॉस, महिन्द्रा थार, बोलेरो और एक्सयूवी3एक्सओ जैसे फेसलिफ्ट आने से भी ग्रोथ को सपोर्ट मिला है। ईवी सैगमेंट में मारुति की ई-विटारा, महिन्द्रा की एक्सईवी 9ई, हैरियर ईवी, विनफास्ट वीएफ6 और 7 जैसे मॉडल शामिल हैं। वित्त वर्ष 26 के टॉप 25 बेस्ट-सेलिंग पीवी में 15 एसयूवी केवल 5 हैचबैक, 3 एमपीवी और 1-1 मॉडल सेडान और वैन से थे। हालांकि, साल की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार का खिताब मारुति डिजायर के नाम रहा वहीं एसयूवी में टाटा नेक्सॉन और ह्यूंदे क्रेटा अव्वल रहीं।
