रेल मंत्रालय ने देश की पहली स्वदेशी बुलट ट्रेन बी28 को मार्च 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य तय किया है। यह ट्रेन बीईएमएल द्वारा बेंगलुरु स्थित अपने रेल कोच कॉम्प्लेक्स में डवलप की जा रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत वंदेभारत ट्रेन डवलप करने वाली इंटीग्रल कोच फैक्टरी ने अक्टूबर 2024 में बीईएमएल को दो हाई-स्पीड ट्रेनसेट के डिजाइन, डवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और कमीशनिंग का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। रेल मंत्रालय के अनुसार, 280 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड वाले ये ट्रेनसेट पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बनाए जा रहे हैं और पहली ट्रेन 2027 की पहली तिमाही तक तैयार होने की संभावना है, जिसके बाद इसकी टेस्टिंग और ट्रायल शुरू होंगे। सरकार का प्लान बी28 बुलट ट्रेन को सूरत और वापी के बीच 97 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर चलाने का है। यह भारत के पहले बुलट ट्रेन कोरिडोर मुंबई-अहमदाबाद बुलट ट्रेन प्रोजेक्ट का ही हिस्सा है। रेलवे का टार्गेट अगस्त 2027 तक इस रूट पर ट्रेन संचालन शुरू करना है। बी8 की डिजाइन स्पीड 280 किमी/घंटा रखी गई है, लेकिन शुरुआत में इसे 250 किमी/घंटा की ऑपरेशनल स्पीड पर चलाया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार जापान से शिनकांसिन बुलट ट्रेन के कोच मिल पाने में आ रही परेशानियों के कारण इस बी28 प्रोजेक्ट को फास्ट्रेक किया गया है। इस ट्रेनसेट में कुल 8 कोच होंगे और हर कोच की लागत 27.86 करोड़ रुपए होगी और यह बी20 ट्रेन का पूरा प्रोजेक्ट 866.87 करोड़ का है। यह ट्रेन पूरी तरह एयर-कंडीशन्ड चेयर कार होगी और इसमेंं रिक्लाइनिंग और रोटेटेबल सीट्स, ऑनबोर्ड इंफोटेनमेंट सिस्टम जैसे कई फीचर होंगे।