भारत में डोमेस्टिक एयर पैसेंजर्स की संख्या अगस्त में एन्युअल लेवल पर 7.5 प्रतिशत घट गई, जो प्रमुख घरेलू बाजारों में सबसे बड़ी गिरावट है। वैश्विक एयरलाइंस संगठन अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) ने यह जानकारी दी। आईएटीए ने अगस्त के लिए जारी हवाई यात्री बाजार विश्लेषण रिपोर्ट में कहा कि ग्लोबल लेवल पर रेवेन्यू यात्री किलोमीटर (आरपीके) में सालाना आधार पर 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जुलाई में इसमें 0.3 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई थी। आरपीके यात्री संख्या को मापने का एक संकेतक है। आईएटीए ने कहा कि चीन, ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया में डिमांड में वृद्धि हुई, जिसके मुकाबले जापान, अमेरिका और भारत में गिरावट दर्ज की गई। कई प्रमुख बाजारों में वृद्धि के बावजूद कुल घरेलू यातायात एक साल पहले के स्तर से थोड़ा नीचे रहा। आईएटीए की वरिष्ठ उपाध्यक्ष (स्थिरता) एवं मुख्य अर्थशास्त्री मैरी ओवेंस थॉमसन ने कहा कि आने वाले महीने यह बताएंगे कि क्या अधिक ऊर्जा कीमतों के कारण क्रय शक्ति में कमी से यात्री अपने यात्रा बजट में बदलाव कर रहे हैं और क्या मौजूदा भू-राजनीतिक अस्थिरता उन्हें यात्रा से हतोत्साहित कर रही है। आईएटीए ने कहा कि प्रमुख घरेलू बाजारों में भारत में यातायात में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जुलाई में 5.2 प्रतिशत की कमी के बाद अगस्त में घरेलू आरपीके में सालाना आधार पर 7.5 प्रतिशत की गिरावट आई। क्षमता में 1.2 प्रतिशत की कमी हुई, जो मांग में गिरावट की तुलना में काफी कम थी। इसके परिणामस्वरूप क्षमता उपयोग (पीएलएफ) में 5.4 प्रतिशत अंक की कमी आई और यह 78.7 प्रतिशत रहा। आईएटीए 370 से अधिक एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करती है।