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03-09-2026

कॅरियर संबंधी कम्यूनिकेशन से डरते हैं जेनर्-ं प्रोफेशनल्स

  •  जेन-जी प्रोफेशनल्स पेशेवरों को आंके जाने का डर उन लोगों से संपर्क करने से रोक रहा है, जो उनके कॅरियर को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। लिंक्डइन की एक रिपोर्ट के अनुसार, 83 प्रतिशत जेन-जी पेशेवर ऐसे लोगों से बातचीत करने में हिचकिचाते हैं। पेशेवर मंच लिंक्डइन की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के जेन-जी पेशेवर लगातार ऑनलाइन जुड़े रहने वाले माहौल में बड़े हुए हैं और इनमें से 83 प्रतिशत ऐसे लोगों से बातचीत करने में हिचकिचाते हैं, जो उनके करियर में मदद कर सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि आंके जाने का डर (44 प्रतिशत), दूसरों को परेशान करने की चिंता (39 प्रतिशत) और अपनी बात को बनावटी लगने की आशंका (37 प्रतिशत) जेन-जी को उपयोगी सलाह लेने, संपर्क बनाने और नए अवसर हासिल करने से रोक रही है। लिंक्डइन की यह रिपोर्ट सेंसेसवाइड द्वारा 20 जुलाई से 11 अगस्त, 2026 के बीच भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब सहित देशों में पूर्णकालिक और अंशकालिक काम करने वाले 18 से 80 वर्ष की उम्र के 18,050 लोगों के बीच किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के 79 प्रतिशत जेन-जी पेशेवर यह समझते हैं कि पेशेवर संबंध महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आधे से अधिक (52 प्रतिशत) यह नहीं जानते कि शुरुआत कैसे करें। वहीं, 53 प्रतिशत लोगों को संपर्कों को वास्तविक संबंधों में बदलने में परेशानी होती है और वे इस बात को लेकर चिंतित होते हैं कि इसकी उन्हें न जाने क्या कीमत चुकानी पड़े। रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि करीब पांच में से तीन (59 प्रतिशत) जेन-जी पेशेवरों ने कहा कि किसी ने उन्हें यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया कि पेशेवर संबंध कैसे बनाए जाते हैं। कई लोगों को सीमित मार्गदर्शन मिला या उन्होंने खुद ही यह समझने की कोशिश की। इससे यह तय करना और मुश्किल हो जाता है कि किससे संपर्क करें, कब संपर्क करें और क्या कहें। वहीं, संपर्क करने को लेकर कई लोगों की चिंता के बावजूद, अधिकतर मिलेनियल्स (92 प्रतिशत) और जेन-एक्स पेशेवरों (95 प्रतिशत) ने कहा कि वे अपने  कॅरियर की शुरुआत करने वाले किसी व्यक्ति की मदद करेंगे, भले ही वे उसे जानते न हों। लिंक्डइन की करियर विशेषज्ञ एवं भारत की वरिष्ठ प्रबंध संपादक निराजिता बनर्जी ने कहा कि जैसे-जैसे नौकरियों का स्वरूप बदल रहा है और कॅरियर के रास्ते पहले की तुलना में जटिल हो रहे हैं, सार्थक संबंध बनाने की क्षमता कौशल विकसित करने जितनी ही महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि मेलजोल का मतलब अनजान लोगों से अचानक संपर्क करना या असहज तरीके से परिचय देना नहीं है। समय के साथ छोटी-छोटी बातचीत भरोसा कायम करती है, आपके संपर्कों का दायरा बढ़ाती है और जरूरत के समय अवसर, जानकारी तथा सहयोग दिला सकती है। जेन-एक्स 1965 से 1980 के बीच जन्मे, मिलेनियल्स (जेन-वाई) 1981 से 1996 के बीच जन्मे और जेन-जी 1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों को कहा जाता है।

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कॅरियर संबंधी कम्यूनिकेशन से डरते हैं जेनर्-ं प्रोफेशनल्स

 जेन-जी प्रोफेशनल्स पेशेवरों को आंके जाने का डर उन लोगों से संपर्क करने से रोक रहा है, जो उनके कॅरियर को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। लिंक्डइन की एक रिपोर्ट के अनुसार, 83 प्रतिशत जेन-जी पेशेवर ऐसे लोगों से बातचीत करने में हिचकिचाते हैं। पेशेवर मंच लिंक्डइन की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के जेन-जी पेशेवर लगातार ऑनलाइन जुड़े रहने वाले माहौल में बड़े हुए हैं और इनमें से 83 प्रतिशत ऐसे लोगों से बातचीत करने में हिचकिचाते हैं, जो उनके करियर में मदद कर सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि आंके जाने का डर (44 प्रतिशत), दूसरों को परेशान करने की चिंता (39 प्रतिशत) और अपनी बात को बनावटी लगने की आशंका (37 प्रतिशत) जेन-जी को उपयोगी सलाह लेने, संपर्क बनाने और नए अवसर हासिल करने से रोक रही है। लिंक्डइन की यह रिपोर्ट सेंसेसवाइड द्वारा 20 जुलाई से 11 अगस्त, 2026 के बीच भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब सहित देशों में पूर्णकालिक और अंशकालिक काम करने वाले 18 से 80 वर्ष की उम्र के 18,050 लोगों के बीच किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के 79 प्रतिशत जेन-जी पेशेवर यह समझते हैं कि पेशेवर संबंध महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आधे से अधिक (52 प्रतिशत) यह नहीं जानते कि शुरुआत कैसे करें। वहीं, 53 प्रतिशत लोगों को संपर्कों को वास्तविक संबंधों में बदलने में परेशानी होती है और वे इस बात को लेकर चिंतित होते हैं कि इसकी उन्हें न जाने क्या कीमत चुकानी पड़े। रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि करीब पांच में से तीन (59 प्रतिशत) जेन-जी पेशेवरों ने कहा कि किसी ने उन्हें यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया कि पेशेवर संबंध कैसे बनाए जाते हैं। कई लोगों को सीमित मार्गदर्शन मिला या उन्होंने खुद ही यह समझने की कोशिश की। इससे यह तय करना और मुश्किल हो जाता है कि किससे संपर्क करें, कब संपर्क करें और क्या कहें। वहीं, संपर्क करने को लेकर कई लोगों की चिंता के बावजूद, अधिकतर मिलेनियल्स (92 प्रतिशत) और जेन-एक्स पेशेवरों (95 प्रतिशत) ने कहा कि वे अपने  कॅरियर की शुरुआत करने वाले किसी व्यक्ति की मदद करेंगे, भले ही वे उसे जानते न हों। लिंक्डइन की करियर विशेषज्ञ एवं भारत की वरिष्ठ प्रबंध संपादक निराजिता बनर्जी ने कहा कि जैसे-जैसे नौकरियों का स्वरूप बदल रहा है और कॅरियर के रास्ते पहले की तुलना में जटिल हो रहे हैं, सार्थक संबंध बनाने की क्षमता कौशल विकसित करने जितनी ही महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि मेलजोल का मतलब अनजान लोगों से अचानक संपर्क करना या असहज तरीके से परिचय देना नहीं है। समय के साथ छोटी-छोटी बातचीत भरोसा कायम करती है, आपके संपर्कों का दायरा बढ़ाती है और जरूरत के समय अवसर, जानकारी तथा सहयोग दिला सकती है। जेन-एक्स 1965 से 1980 के बीच जन्मे, मिलेनियल्स (जेन-वाई) 1981 से 1996 के बीच जन्मे और जेन-जी 1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों को कहा जाता है।


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