भारत में इंटरनेट से जुड़े टीवी (कनेक्टेड टीवी)यानी ऐसे टीवी जिन पर इंटरनेट के जरिए अलग-अलग कार्यक्रम और कंटेंट देखे जा सकते हंै, का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। अब यह इतना बड़ा माध्यम बन गया है कि विज्ञापनदाता अपनी प्रचार योजनाओं में इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 के बाद से भारत में इंटरनेट से जुड़े टीवी वाले घरों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है। इस वर्ष ऐसे घरों की संख्या करीब 6.2 से 6.5 करोड़ पहुंच गई है। इसका मतलब है कि लगभग 20.7 करोड़ लोगों तक इंटरनेट से जुड़े टीवी की पहुंच हो गई है। एक इंटरनेट से जुड़े टीवी पर दिखाई जाने वाली सामग्री को औसतन 2.5 लोग देखते हैं। करीब 80 प्रतिशत टीवी देखने का समय परिवार या अन्य लोगों के साथ मिलकर टीवी देखने में बीतता है, जबकि केवल 19 प्रतिशत समय लोग अकेले टीवी देखते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट से जुड़े टीवी देखने वाले दर्शकों की संख्या में गत वर्ष की तुलना में 110 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। छोटे शहरों में यह बढ़ोतरी 55 प्रतिशत, मध्यम स्तर के शहरों में 46 प्रतिशत और बड़े महानगरों में 21 प्रतिशत रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेट से जुड़े टीवी के विकास का अगला चरण बड़े पैमाने पर आम लोगों तक पहुंच बनाने का हो सकता है। इससे आने वाले वर्षों में यह माध्यम महंगे उत्पादों और शहरी दर्शकों तक पहुंच बनाने के लिए और महत्वपूर्ण हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट से जुड़े टीवी पर अभी भी बड़ी संख्या में उच्च आय वर्ग के दर्शक मौजूद हैं। सर्वे में शामिल दर्शकों में 83 प्रतिशत लोग किसी सामान को खरीदने से पहले उसके बारे में अधिक जानकारी हासिल करते हैं। उच्च आय वर्ग के दर्शकों में यह आंकड़ा 89 प्रतिशत है। करीब 2.1 करोड़ उच्च आय वर्ग के दर्शक यात्रा, वित्तीय सेवाओं, घर की सजावट, फर्नीचर और खरीदारी जैसी विभिन्न श्रेणियों में रुचि रखते हैं। यही वजह है कि विज्ञापनदाताओं के लिए इस माध्यम पर मौजूद दर्शक काफी महत्वपूर्ण हैं।