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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

10-01-2026

बैटरी सेविंग करने वाले लैपटॉप

  •  सैमसंग डिस्प्ले ने कहा कि उसने अमेरिकी कंपनी इंटेल के साथ मिलकर एक नई तकनीक विकसित की है, जिससे ऑर्गेनिक लाइट-एमिटिंग डायोड (ओएलईडी) डिस्प्ले कम बिजली खर्च करेंगे। इस तकनीक की मदद से लैपटॉप की बैटरी ज्यादा समय तक चलेगी। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की सहयोगी कंपनी सैमसंग डिस्प्ले ने बताया कि उसकी स्मार्टपावर एचडीआर तकनीक लैपटॉप में उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें दिखाते हुए भी बिजली की खपत को 22 प्रतिशत तक कम कर सकती है। इससे उपयोगकर्ता बिना ज्यादा बैटरी खर्च किए बेहतर तस्वीरें देख सकते हैं। सैमसंग डिस्प्ले ने एक विज्ञप्ति में कहा कि पहले की तकनीक (एचडीआर मोड) में हर तरह की तस्वीर के लिए एक जैसी ज्यादा बिजली दी जाती थी, जिससे ऊर्जा की बर्बादी होती थी। लेकिन नई स्मार्टपावर एचडीआर तकनीक में तस्वीर के अनुसार बिजली की मात्रा अपने आप बदल जाती है, जिससे अनावश्यक बिजली खर्च नहीं होती। इस नई तकनीक से इंटरनेट चलाने जैसे सामान्य कामों में 22 प्रतिशत तक और उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो देखने या गेम खेलने में 17 प्रतिशत तक बिजली की बचत हो सकती है। कंपनी ने कहा कि जैसे-जैसे एआई वाले कंप्यूटर ज्यादा इस्तेमाल होने लगेंगे, यह तकनीक बैटरी की क्षमता बढ़ाने और बेहतर देखने का अनुभव देने में बहुत मदद करेगी।

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बैटरी सेविंग करने वाले लैपटॉप

 सैमसंग डिस्प्ले ने कहा कि उसने अमेरिकी कंपनी इंटेल के साथ मिलकर एक नई तकनीक विकसित की है, जिससे ऑर्गेनिक लाइट-एमिटिंग डायोड (ओएलईडी) डिस्प्ले कम बिजली खर्च करेंगे। इस तकनीक की मदद से लैपटॉप की बैटरी ज्यादा समय तक चलेगी। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की सहयोगी कंपनी सैमसंग डिस्प्ले ने बताया कि उसकी स्मार्टपावर एचडीआर तकनीक लैपटॉप में उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें दिखाते हुए भी बिजली की खपत को 22 प्रतिशत तक कम कर सकती है। इससे उपयोगकर्ता बिना ज्यादा बैटरी खर्च किए बेहतर तस्वीरें देख सकते हैं। सैमसंग डिस्प्ले ने एक विज्ञप्ति में कहा कि पहले की तकनीक (एचडीआर मोड) में हर तरह की तस्वीर के लिए एक जैसी ज्यादा बिजली दी जाती थी, जिससे ऊर्जा की बर्बादी होती थी। लेकिन नई स्मार्टपावर एचडीआर तकनीक में तस्वीर के अनुसार बिजली की मात्रा अपने आप बदल जाती है, जिससे अनावश्यक बिजली खर्च नहीं होती। इस नई तकनीक से इंटरनेट चलाने जैसे सामान्य कामों में 22 प्रतिशत तक और उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो देखने या गेम खेलने में 17 प्रतिशत तक बिजली की बचत हो सकती है। कंपनी ने कहा कि जैसे-जैसे एआई वाले कंप्यूटर ज्यादा इस्तेमाल होने लगेंगे, यह तकनीक बैटरी की क्षमता बढ़ाने और बेहतर देखने का अनुभव देने में बहुत मदद करेगी।


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