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09-01-2026

जॉब सर्चिंग में AI का इस्तेमाल करेंगे अधिकांश इंडियंस

  •  भारत में 90 प्रतिशत से अधिक प्रोफेशनल्स वर्ष 2026 में जॉब सर्चिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। यह जानकारी प्रोफेशनल नेटवर्क प्लेटफॉर्म लिंक्डइन की रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई अब सिर्फ काम को आसान बनाने का साधन नहीं रहा, बल्कि यह नौकरी चाहने वालों का आत्मविश्वास भी बढ़ा रहा है। करीब 66 प्रतिशत लोगों का मानना है कि एआई इंटरव्यू के दौरान उनका आत्मविश्वास बढ़ाता है। रिपोर्ट के अनुसार, हाइरिंग प्रोसेस में एआई के बढ़ते उपयोग, स्किल  की तेजी से बदलती डिमांड और कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते 84 प्रतिशत पेशेवरों को लगता है कि वे नई नौकरी खोजने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। इसके बावजूद, 72 प्रतिशत लोग 2026 में नई नौकरी की सक्रिय रूप से तलाश कर रहे हैं। हालांकि 87 प्रतिशत लोग काम पर एआई का उपयोग करने में सहज हैं, लेकिन कई लोग इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि भर्ती प्रक्रिया में एआई का कैसे उपयोग हो रहा है। लगभग 77 प्रतिशत लोगों ने कहा कि हाइरिंग प्रोसेस में कई स्टेज होते हैं, जबकि 66 प्रतिशत को यह प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा व्यक्तित्वहीन लगती है। लिंक्डइन इंडिया न्यूज की लिंक्डइन कॅरियर एक्सपर्ट और सीनियर मैनेजिंग एडिटर नीरजिता बनर्जी ने कहा कि एआई अब भारत के जॉब मार्केट का एक अहम हिस्सा बन चुका है। एआई का सही उपयोग लोगों को यह समझने में मदद करता है कि उनके कौशल किस तरह नौकरी के अवसरों से जुड़े हैं, और उन्हें बेहतर तैयारी करने में मदद करता है। लिंक्डइन के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर एक नौकरी के लिए आवेदन करने वालों की संख्या 2022 के बाद से दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। इससे प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है। वहीं, 74 प्रतिशत भर्ती करने वाली कंपनियों का कहना है कि सही योग्य उम्मीदवार ढूंढना अब पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जनरेशन जेड के करीब 32 प्रतिशत लोग नए जॉब रोल्स के बारे में सोच रहे हैं, जबकि 32 प्रतिशत युवा अपने मौजूदा क्षेत्र से बाहर नौकरी तलाश रहे हैं। लिंक्डइन की ‘इंडिया जॉब्स ऑन द राइज’ रिपोर्ट के अनुसार, प्रॉम्प्ट इंजीनियर, एआई इंजीनियर और सॉफ्टवेयर इंजीनियर इस साल सबसे तेजी से बढऩे वाली नौकरियों में शामिल हैं। इसके अलावा सेल्स, ब्रांड स्ट्रेटेजी, साइबर सिक्योरिटी और एडवाइजरी सेवाओं में भी अच्छी डिमांड बनी हुई है। उन्होंने कहा द्घस्र हालांकि एआई उपकरण का उद्देश्यपूर्ण उपयोग किए जाने पर ये, लोगों को उनकी उपयुक्त भूमिकाओं की पहचान करने, उद्देश्यपूर्ण तैयारी करने और अपने सीखने को सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान देने में मदद करके इस अंतर को पाट सकते हैं। ‘उपभोक्ता एवं वैश्विक मानव संसाधन पेशेवर अध्ययन’ नवंबर 2025 में ‘सेंससवाइड’ द्वारा 19,113 उत्तरदाताओं के बीच आयोजित किया गया जो पूर्णकालिक/अंशकालिक काम करते हैं या बेरोजगार हैं और वर्तमान में नौकरी की तलाश में हैं। इसमें शामिल लोग 18-79 आयु वर्ग के थे। यह सर्वेक्षण 13 नवंबर से 28 नवंबर, 2025 के बीच किया गया। इसके अलावा यह सर्वेक्षण 6,554 वैश्विक मानव संसाधन पेशेवरों के बीच 10 नवंबर से 27 नवंबर, 2025 के बीच किया गया।

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जॉब सर्चिंग में AI का इस्तेमाल करेंगे अधिकांश इंडियंस

 भारत में 90 प्रतिशत से अधिक प्रोफेशनल्स वर्ष 2026 में जॉब सर्चिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। यह जानकारी प्रोफेशनल नेटवर्क प्लेटफॉर्म लिंक्डइन की रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई अब सिर्फ काम को आसान बनाने का साधन नहीं रहा, बल्कि यह नौकरी चाहने वालों का आत्मविश्वास भी बढ़ा रहा है। करीब 66 प्रतिशत लोगों का मानना है कि एआई इंटरव्यू के दौरान उनका आत्मविश्वास बढ़ाता है। रिपोर्ट के अनुसार, हाइरिंग प्रोसेस में एआई के बढ़ते उपयोग, स्किल  की तेजी से बदलती डिमांड और कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते 84 प्रतिशत पेशेवरों को लगता है कि वे नई नौकरी खोजने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। इसके बावजूद, 72 प्रतिशत लोग 2026 में नई नौकरी की सक्रिय रूप से तलाश कर रहे हैं। हालांकि 87 प्रतिशत लोग काम पर एआई का उपयोग करने में सहज हैं, लेकिन कई लोग इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि भर्ती प्रक्रिया में एआई का कैसे उपयोग हो रहा है। लगभग 77 प्रतिशत लोगों ने कहा कि हाइरिंग प्रोसेस में कई स्टेज होते हैं, जबकि 66 प्रतिशत को यह प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा व्यक्तित्वहीन लगती है। लिंक्डइन इंडिया न्यूज की लिंक्डइन कॅरियर एक्सपर्ट और सीनियर मैनेजिंग एडिटर नीरजिता बनर्जी ने कहा कि एआई अब भारत के जॉब मार्केट का एक अहम हिस्सा बन चुका है। एआई का सही उपयोग लोगों को यह समझने में मदद करता है कि उनके कौशल किस तरह नौकरी के अवसरों से जुड़े हैं, और उन्हें बेहतर तैयारी करने में मदद करता है। लिंक्डइन के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर एक नौकरी के लिए आवेदन करने वालों की संख्या 2022 के बाद से दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। इससे प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है। वहीं, 74 प्रतिशत भर्ती करने वाली कंपनियों का कहना है कि सही योग्य उम्मीदवार ढूंढना अब पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जनरेशन जेड के करीब 32 प्रतिशत लोग नए जॉब रोल्स के बारे में सोच रहे हैं, जबकि 32 प्रतिशत युवा अपने मौजूदा क्षेत्र से बाहर नौकरी तलाश रहे हैं। लिंक्डइन की ‘इंडिया जॉब्स ऑन द राइज’ रिपोर्ट के अनुसार, प्रॉम्प्ट इंजीनियर, एआई इंजीनियर और सॉफ्टवेयर इंजीनियर इस साल सबसे तेजी से बढऩे वाली नौकरियों में शामिल हैं। इसके अलावा सेल्स, ब्रांड स्ट्रेटेजी, साइबर सिक्योरिटी और एडवाइजरी सेवाओं में भी अच्छी डिमांड बनी हुई है। उन्होंने कहा द्घस्र हालांकि एआई उपकरण का उद्देश्यपूर्ण उपयोग किए जाने पर ये, लोगों को उनकी उपयुक्त भूमिकाओं की पहचान करने, उद्देश्यपूर्ण तैयारी करने और अपने सीखने को सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान देने में मदद करके इस अंतर को पाट सकते हैं। ‘उपभोक्ता एवं वैश्विक मानव संसाधन पेशेवर अध्ययन’ नवंबर 2025 में ‘सेंससवाइड’ द्वारा 19,113 उत्तरदाताओं के बीच आयोजित किया गया जो पूर्णकालिक/अंशकालिक काम करते हैं या बेरोजगार हैं और वर्तमान में नौकरी की तलाश में हैं। इसमें शामिल लोग 18-79 आयु वर्ग के थे। यह सर्वेक्षण 13 नवंबर से 28 नवंबर, 2025 के बीच किया गया। इसके अलावा यह सर्वेक्षण 6,554 वैश्विक मानव संसाधन पेशेवरों के बीच 10 नवंबर से 27 नवंबर, 2025 के बीच किया गया।


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