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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

20-06-2026

बेवरेज में क्यों दिख रहा ग्रोथ का लीवरेज

  •  रिलायंस ने कैम्पा से कोक और पेप्सी की डुओपॉली (दो लोगों का दबदबा) वाले सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट में गहरी सेंध लगा दी है। कैम्पा का डिस्ट्रिब्यूशन बहुत तेजी से छोटी ईटरी (चाय-पानी की दुकान) तक बढ़ाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में ईटिंग नहीं बल्कि ड्रिंकिंग का मार्केट बंपर ग्रोथ पर है। कॉफी, रेडी-टू-ड्रिंक (आरटीडी) बेवरेज, प्रोटीन प्रोडक्ट्स और लो-शुगर ज्यूस बहुत तेजी से अपना शेल्फ स्पेस बढ़ा रहे हैं। ट्रेंड्स बताते हैं कि बेवरेज कैटेगरी की सेल्स कंपनियों के पूरे पोर्टफोलियो की ग्रोथ को पीछे छोड़ रही है। इसलिए कंपनियां लगातार नए  प्रोडक्ट, नए पैक और नए फॉर्मेट लॉन्च कर रही हैं। नेस्ले इंडिया ने कहा कि उसका पाउडर और लिक्विड ड्रिंक कारोबार लगातार डबल डिजिट ग्रोथ कर रहा है। नेसकैफे का मार्केट शेयर बढ़ रहा है हाल ही प्रीमियम कॉफी ब्रांड नेसप्रेसो ने गुरुग्राम में अपना दूसरा बुटीक खोला है।  हिंदुस्तान यूनिलीवर के हॉर्लिक्स और बूस्ट में भी डबल डिजिट ग्रोथ हो रही है। कंपनी ने अब प्रोटीन रेडी-टू-ड्रिंक लॉन्च किया।  टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के  रेडी-टू-ड्रिंक (आरटीडी) पोर्टफोलियो में 23 परसेंट  ग्रोथ हुई है। कंपनी ने इलेक्ट्रोलाइट पेय, प्रीमियम कॉफी, कोम्बुचा, माचा चाय और हेल्थ सेंट्रिक हाइड्रेशन प्रोडक्ट्स जैसी नई कैटेगरी में विस्तार किया है। डाबर भी ज्यूस से आगे बढक़र प्रीमियम ड्रिंक्स मार्केट पर फोकस बढ़ा रही है। कंपनी के रियल एक्टिव 100 परसेंट जूस में 26 परसेंट और नारियल पानी बिजनस में दोगुनी से अधिक ग्रोथ हुई। वरुण बेवरेजेज (पेप्सिको की फ्रेंचाइजी बॉटलर) के कुल सेल्स वॉल्यूम में लगभग 63 परसेंट हिस्सा लो-शुगर और नो-शुगर प्रोडक्ट्स का है। कंपनी ने एनर्जी ड्रिंक और जूस ड्रिंक्स में नए प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं। टाटा स्टारबक्स में प्रोटीन कोल्ड फोम, बिना एक्स्ट्रा शुगर वाले सिरप और कस्टमाइज करने के ऑप्शन पेश किए हैं। एनेलिस्ट्स के अनुसार प्रोटीन, हेल्थ और वेलनेस जैसे शब्द जेन•ाी को आकर्षित कर रहे हैं।  टाटा कंज्यूमर के अनुसार अब बाजार में डेजर्ट फ्लेवर कॉफी, कोल्ड कॉफी, रेडी-टू-यूज कॉफी डेकोक्शन और किफायती प्रीमिक्स जैसे ए उत्पाद आ रहे हैं। कंसल्टेंसी फर्म केन रिसर्च के अनुसार, भारत का बेवरेज मार्केट वित्त वर्ष 2024 में लगभग 17.2 बिलियन डॉलर का था और 2030 तक लगभग 10 परसेंट की सीएजीआर से बढऩे का अनुमान है।

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बेवरेज में क्यों दिख रहा ग्रोथ का लीवरेज

 रिलायंस ने कैम्पा से कोक और पेप्सी की डुओपॉली (दो लोगों का दबदबा) वाले सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट में गहरी सेंध लगा दी है। कैम्पा का डिस्ट्रिब्यूशन बहुत तेजी से छोटी ईटरी (चाय-पानी की दुकान) तक बढ़ाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में ईटिंग नहीं बल्कि ड्रिंकिंग का मार्केट बंपर ग्रोथ पर है। कॉफी, रेडी-टू-ड्रिंक (आरटीडी) बेवरेज, प्रोटीन प्रोडक्ट्स और लो-शुगर ज्यूस बहुत तेजी से अपना शेल्फ स्पेस बढ़ा रहे हैं। ट्रेंड्स बताते हैं कि बेवरेज कैटेगरी की सेल्स कंपनियों के पूरे पोर्टफोलियो की ग्रोथ को पीछे छोड़ रही है। इसलिए कंपनियां लगातार नए  प्रोडक्ट, नए पैक और नए फॉर्मेट लॉन्च कर रही हैं। नेस्ले इंडिया ने कहा कि उसका पाउडर और लिक्विड ड्रिंक कारोबार लगातार डबल डिजिट ग्रोथ कर रहा है। नेसकैफे का मार्केट शेयर बढ़ रहा है हाल ही प्रीमियम कॉफी ब्रांड नेसप्रेसो ने गुरुग्राम में अपना दूसरा बुटीक खोला है।  हिंदुस्तान यूनिलीवर के हॉर्लिक्स और बूस्ट में भी डबल डिजिट ग्रोथ हो रही है। कंपनी ने अब प्रोटीन रेडी-टू-ड्रिंक लॉन्च किया।  टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के  रेडी-टू-ड्रिंक (आरटीडी) पोर्टफोलियो में 23 परसेंट  ग्रोथ हुई है। कंपनी ने इलेक्ट्रोलाइट पेय, प्रीमियम कॉफी, कोम्बुचा, माचा चाय और हेल्थ सेंट्रिक हाइड्रेशन प्रोडक्ट्स जैसी नई कैटेगरी में विस्तार किया है। डाबर भी ज्यूस से आगे बढक़र प्रीमियम ड्रिंक्स मार्केट पर फोकस बढ़ा रही है। कंपनी के रियल एक्टिव 100 परसेंट जूस में 26 परसेंट और नारियल पानी बिजनस में दोगुनी से अधिक ग्रोथ हुई। वरुण बेवरेजेज (पेप्सिको की फ्रेंचाइजी बॉटलर) के कुल सेल्स वॉल्यूम में लगभग 63 परसेंट हिस्सा लो-शुगर और नो-शुगर प्रोडक्ट्स का है। कंपनी ने एनर्जी ड्रिंक और जूस ड्रिंक्स में नए प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं। टाटा स्टारबक्स में प्रोटीन कोल्ड फोम, बिना एक्स्ट्रा शुगर वाले सिरप और कस्टमाइज करने के ऑप्शन पेश किए हैं। एनेलिस्ट्स के अनुसार प्रोटीन, हेल्थ और वेलनेस जैसे शब्द जेन•ाी को आकर्षित कर रहे हैं।  टाटा कंज्यूमर के अनुसार अब बाजार में डेजर्ट फ्लेवर कॉफी, कोल्ड कॉफी, रेडी-टू-यूज कॉफी डेकोक्शन और किफायती प्रीमिक्स जैसे ए उत्पाद आ रहे हैं। कंसल्टेंसी फर्म केन रिसर्च के अनुसार, भारत का बेवरेज मार्केट वित्त वर्ष 2024 में लगभग 17.2 बिलियन डॉलर का था और 2030 तक लगभग 10 परसेंट की सीएजीआर से बढऩे का अनुमान है।


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