दुनिया जब पूरी तरह वायरलेस गैजेट्स की ओर बढ़ चुकी थी और लग रहा था कि वायर्ड या तार वाले हैंडफोन गुजरे जमाने की बात हो गए हैं तभी अचानक वायर्ड ईयरफोन या हैडफोन की बहुत तेज वापसी होने लगी। ड्रेक, जेन्डाया और हैरी स्टाइल्स जैसे सेलेब्रिटी से लेकर कॉलेज स्टूडेंट्स, ऑफिस एक्जेक्टिव और यंग ट्रेवलर्स तक बहुत तेजी से ब्लूटूथ को स्विचऑफ कर रहे हैं। नतीजा वायर्ड ईयरफोन ट्रेंडिंग फैशन बन रहे हैं। हाल ही में टेक क्रिएटर अरुण मैनी न अपने लेटेस्ट वीडियो में इस ट्रेंड पर चर्चा क्या छेड़ी कि वायर्ड ऑडियो फिर से हॉट भी और कूल बनने लगे हैं। वायर्ड ईयरफोन की वापसी केवल पुरानी यादों तक सीमित नहीं है। 2026 के शुरुआती महीनों में कई वर्ष की गिरावट के बाद इनके सेल्स डेटा में तेज रिबाउंड नजर आ रहा है। जो टेक्नोलॉजी कभी आउटडेटेड मानी जा रही थी, वही अब बेहतर साउंड क्वॉलिटी, कम प्राइस और कम झंझट की वजह से न्यूजेन में हॉट हो रही है। अरुण मैनी के अनुसार, इस ट्रेंड के पीछे केवल प्रैक्टिकल कारण नहीं बल्कि काउंटर-सिग्नलिंग की मानसिकता भी काम कर रही है। वायरलेस ईयरबड्स आधुनिकता और स्टेटस सिंबल बन चुके हैं तो तार वाले ईयरफोन भीड़ से अलग दिखने का तरीका बन रहे हैं। उनके मुताबिक, जब हर कोई वायरलेस ट्रेंड के पीछे भाग रहा हो, तब पुरानी तकनीक अपनाना यह दिखाता है कि व्यक्ति सिर्फ फैशन के पीछे नहीं चल रहा। कई सेलिब्रिटी अब इन दिखने वाले तारों को अपने पर्सनल स्टाइल का हिस्सा बना रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार वर्ष 26 के शुरुआती महीनों में वायर्ड ईयरफोन और हैडफोन की सेल्स में लगातार कई साल की गिरावट के बाद 20 परसेंट की रिकवरी दिखी है। वर्ष 2015 में वायर्ड ईयरफोन का ग्लोबल मार्केट करीब 18 बिलियन डॉलर का था जो वर्ष 2025 घटकर 10.8 बिलियन डॉलर का रह गया। लेकिन वर्ष 25 में यह तेज रिकवरी के साथ 12 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। यह वापसी अब एक फैशन स्टेटमेंट का रूप ले चुकी है। सेलिब्रिटी फोटो में तार वाले ईयरफोन साफ दिखाई देते हैं और यही चीज इन्हें फिर से ट्रेंडी बना रही है। भारत में भी सेलेब्रिटी वायर्ड ईयरफोन इस्तेमाल करते दिखे हैं, जिससे युवाओं में इसका आकर्षण और बढ़ा है। यह ट्रेंड जेन•ाी और वाईटूके दौर के नॉस्टैल्जिया (पुरानी याद) पसंद से भी जुड़ा हुआ है। जैसे फिल्म कैमरे, फ्लिप फोन और विनाइल रिकॉर्ड्स की मार्केट में वापसी हो रही है वैसे ही वायर्ड ईयरफोन भी अब रेट्रो-कूल माने जा रहे हैं। कई युवाओं के लिए यह भीड़ में अलग दिखने का नया तरीका बन चुका है, क्योंकि आज लगभग सभी वायरलेस ईयरबड्स एक जैसे दिखते हैं। कुछ यूजर ब्लूटूथ एक्सपोजर, बैटरी पर निर्भरता और कनेक्टिविटी की समस्याओं की भी बात करते हैंं। हालांकि इन मुद्दों पर वैज्ञानिक बहस जारी है, लेकिन इन चर्चाओं ने सरल वायर्ड विकल्पों में रुचि बढ़ाने में भूमिका निभाई है। यह ट्रेंड एक बड़े बदलाव की ओर भी इशारा करता है। लगातार अपग्रेड होते स्मार्ट गैजेट्स और डिजिटल ओवरलोड के दौर में कई लोग अब ऐसी तकनीक की ओर लौट रहे हैं जो सरल हो और बिना झंझट काम करे। हालांकि ओल्ड जेनरेशन वाले 3.5 एमएम जैक की जगह अब वायर्ड ईयरफोन सी-टाइप चार्जिंग पोर्ट के साथ आ रहे हैं।