एनवीडिया की बात तो पुरानी पड़ चुकी है। एआई चिप कंपनी एनवीडिया 5,49 ट्रिलियन डॉलर मार्केटकैप के साथ दुनिया में अव्वल है। लेकिन एआई बूम का फायदा सैमसंग को भी मिला है। कोरियाई इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज सैमसंग दुनिया की बड़ी चिप मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल है। जब से एआई बूम की शुरुआत हुई है और एआई डेटा सेंटर के लिए स्टोरेज की डिमांड ने छत तोड़ी है तब से ही सैमसंग में रैली चल रही है। नतीजा यहां तक है कि पिछले सप्ताह सैमसंग ने 1 ट्रिलियन डॉलर का मार्केटकैप लेवल पार किया था और आज यह 1.19 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। सैमसंग की ही तरह एक और कोरियाई चिपमेकर एसके हाइनिक्स को भी एआई बूम का फायदा मिल रहा है और यह 1 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के नजदीक पहुंच चुकी है। साथ में लगी टेबल के अनुसार यह कंपनी अभी 948.66 बिलियन डॉलर के मार्केटकैप के साथ सोलहवें पायदान पर है। सैमसंग ने बहुत तेज छलांग लगाते हुए 11 पायदान पर कब्जा कर लिया है। साउथ कोरिया की इकोनॉमी के लिए एआई बूम जैकपॉट साबित हो रहा है। दुनिया भर में एआई सर्वर, डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की डिमांड में फ्रास्ट्रेक ग्रोथ होने के कारण चिप मेकर कंपनियों को फायदा हो रहा है। अगर एसके हाइनिक्स भी 1 ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हो जाती है, तो अमेरिका के इतर साउथ कोरिया ऐसा पहला देश बन जाएगा जिसकी एक से अधिक कंपनी का मार्केट कैप ट्रिलियन-डॉलर होगा। एआई के दौर में इसे एशियाई टेक कंपनियों के बढ़ते दबदबे का संकेत माना जा रहा है। एसके हाइनिक्स के शेयरों में इस साल अब तक 200 परसेंट से अधिक तेजी आ चुकी है। इससे पहले 2025 में कंपनी के शेयर 274 परसेंट उछले थे। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह एआई सर्वर में इस्तेमाल होने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी चिप और पारंपरिक मेमोरी चिप की डिमांड में बूम है। एसके हाइनिक्स को एचबीएम यानी हाई बैंडविड्थ मेमोरी चिप का एक्सपर्ट माना जाता है। भारी-भरकम डेटा को बहुत फास्ट प्रोसेस करने की क्षमता के कारण ही एचबीएम चिप आधुनिक एआई सिस्टम की रीढ़ मानी जाती हैं। एनवीडिया, एएमडी और अन्य एआई हार्डवेयर कंपनियों की बढ़ती मांग के कारण एसके हाइनिक्स और सैमसंग जैसी कंपनियों के हाथ जैसे खजाना लग गया है। सिडनी स्थित आईजी मार्केट्स के एनेलिस्ट फैबियन यिप के अनुसार बाजार में इस समय फोमो यानी फियर ऑफ मिसिंग आउट (या पिछड़ जाने का डर) की भावना चल रही है। इंवेस्टमर एआई कंपनियों में मौके खोना नहीं चाहते। ऐसे में जापान और साउथ कोरिया के टेक सेक्टर टार्गेट में हैं। अभी पिछले दिनों ही सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स साउथ कोरिया की पहली 1 ट्रिलियन डॉलर मार्केट वैल्यू वाली कंपनी बनी थी। हालांकि एशिया की सबसे ज्यादा वेल्यूएशन वाली कंपनी अभी भी ताईवान की सेमीकंडक्टर कंपनी टीएसएमसी है जिसका मार्केट कैप 1.83 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है।साउथ कोरिया का मार्केट इंडेक्स कोस्पी इस साल अब तक 86 परसेंट से अधिक चढ़ चुका है। इससे पहले 2025 में यह 75 परसेंट बढ़ा था। 2025 की शुरुआत से कोस्पी दुनिया का बेस्ट परफॉर्मर शेयर मार्केट बन चुका है। करीब 16 महीने पहले तक एसके हाइनिक्स का मार्केट कैप 100 बिलियन डॉलर से भी कम था।
