क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में काफी हलचल मची हुई है। कभी मार्केट ऊपर हो जाता है तो मिनटों में नीचे आ जाता है। ईरान वॉर की बढ़ती चिंताओं और दुनियाभर में रिस्क असैट्स पर दबाव के बीच बिटकॉइन 67,000 डॉलर के स्तर के आसपास बना हुआ है। लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे यह 67,004 डॉलर पर था। क्रिप्टो निवेशक पिछले कुछ समय से परेशान हैं। उन्हें ना केवल बिटकॉइन, बल्कि दूसरी प्रमुख क्रिप्टो से भी अच्छा रिटर्न नहीं मिल रहा है। ग्लोबल मार्केट कैप मामूली गिरावट के साथ 2.31 ट्रिलियन डॉलर पर था। कुछ मौकों को छोडक़र पिछले एक महीने से बिटकॉइन 60 से 70 हजार डॉलर के बीच स्थिर है। किसी दिन इसमें तेजी आ जाती है तो अगले ही पल यह गिर जाता है। एक महीने पहले एक बिटकॉइन की कीमत करीब 68,500 डॉलर थी। आज यह करीब 67,000 डॉलर पर है। केवल छह महीने पहले 7 अक्टूबर 2025 को बिटकॉइन 1.24 लाख डॉलर पर था। अमेरिका में प्रेसिडेंट के चुनाव प्रचार के दौरान बिटकॉइन 7 अक्टूबर को 2024 को 53857 डॉलर पर ही था। यानी प्रेसिडेंट ट्रंप की क्रिप्टो फ्रेंडली पॉलिसी की उम्मीद में बिटकॉइन जो गुब्बारा हुआ था वो उसकी हवा करीब-करीब निकल चुकी है। कॉइनमार्केटकैप के आंकड़ों के मुताबिक एक महीने में अधिकतम 75,600 डॉलर पर गया है। हालांकि इसमें यह तेजी बनी नहीं रही और कुछ ही समय में यह गिर गया। वहीं एक महीने में बिटकॉइन 65,600 डॉलर तक गिर गया है। पिछले करीब 9 दिनों से यह 70,000 डॉलर के नीचे ही कारोबार कर रहा है। वजीरएक्स मार्केट डेस्क के अनुसार, इस सप्ताह बाजार स्थिर रहा और निवेशकों की धारणा में सुधार हुआ है। अक्टूबर के बाद पहली बार बिटकॉइन ईटीएफ में फंड्स का इनफ्लो बढ़ा है यानी लगता है इसमें फिर से संस्थागत मांग बन रही है।