TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

26-12-2025

ग्लोबल ब्रांड को यहीं दिख रहे ग्रोथ के ट्रेंड

  •  पोटस (प्रेसिडेंट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स) का वोलेटाइल (पल में तोला पल में माशा) व्यवहार कंज्यूमर ब्रांड्स के लिए बड़ा चैलेंज बन रहा है। ऐसे में इन्हें भारत में ग्रोथ का नया पावरहाउस नजर आने लगा है। स्पेन के फास्ट फैशन ब्रांड बश्र्का से लेकर कोरियाई स्किनकेयर ब्रांड संगबून एडिटर तक, दुनियाभर के ब्रांड भारत की यंग, टेक सैवी और शॉपिंग पैटर्न बदल रहे विशालकाय कंज्यूमर बेस पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। कोविड के बाद तो ग्लोबल कंज्यूमर इकोनॉमी में भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ा है और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद इंडिया की ग्रोथ ने ग्लोबल ब्रांड्स का भरोसा भी जीता है। कनाडा का एथलीजर ब्रांड लुलुलेमन 2026 की दूसरी छमाही में इंडिया आ रहा है। इंडिया आने का प्लान करने वाले ग्लोबल ब्रांड्स की लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है। हालांकि ट्रंप टैरिफ को लेकर अभी तक कोई बीच का रास्ता नहीं निकल पाने के कारण ब्रांड्स में थोड़ा कन्फ्यूजन भी है लेकिन डील तो होनी ही है और ग्लोबल स्लोडाउन के बीच उन्हें भारत में मल्टीबैगर (कई गुना) रिटर्न नजर आ रहे हैं। अकेले रिलायंस रिटेल ने ही इस साल 6 विदेशी ब्यूटी ब्रांड्स को भारत में लॉन्च किया है। इनमें फेसजिम भी शामिल है जो जल्दी ही लॉन्च हो जाएगा। चीन के फास्ट फैशन ब्रांड शीन ने भी रिलायंस रिटेल के साथ पार्टनरशिप में इंडिया में कदम रखे हैं। कुशमैन एंड वेकफील्ड के एनेलिस्ट्स के अनुसार, कोविड से पहले हर साल औसतन 12 ग्लोबल ब्रांड्स भारत आते थे जो 2023 में बढक़र लगभग 14 हो गई और 2024 में यह दोगुनी होकर 32 तक पहुंच गई। बीसीजी के भरत मिमानी के अनुसार डवलप्ड मार्केट्स में कंज्यूमर इकोनॉमी के सामने बड़े चैलेंज हैं ऐसे में उन्हें 100 करोड़ कंज्यूमर वाले लगातार बढ़ते भारत में सिल्वर लाइन नजर आ रही है। फैशन सेक्टर में प्रीमियम और ब्रिज-टू-लक्जरी सेगमेंट में जबरदस्त एक्टिविटी चल रही है। प्रीमियम सेगमेंट में भारतीयों की स्पेंडिंग कैपेसिटी बढ़ रही है और यहीं इंटरनेशनल ब्रांड्स को मौके नजर आ रहे हैं। हालांकि सप्लाई साइड में कई अनिश्चितताएं हैं, लेकिन पिछले एक साल में हुए एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स) इन ब्रांड्स के इंडिया प्लान्स को सपोर्ट कर रहे हैं। ग्लोबल ब्रांड्स के लिए पॉजिटिव यह भी है कि ज्यादातर के लिए भारत एक बड़ा सोर्सिंग पार्टनर है। जिनके पास इंडिया में मैन्युफैक्चरिंग बेस नहीं है वे पहले ब्रांड लॉन्च करना चाहते हैं और फिर प्रोडक्शन फैसिलिटी। जो विदेशी ब्रांड पहले से भारत में हैं, वे अपने ऑपरेशन्स का विस्तार कर रहे हैं। डेनमार्क का टॉय ब्रांड लेगो भारत में 2020 से है ने हाल ही गुरुग्राम में पहला एक्सक्लूसिव स्टोर खोला। दूसरी ओर टाटा क्लिक, मिन्त्रा, और नायका जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉम्र्स ने भारत में ब्रांड्स की पहुंच को आसान बनाया है। जिससे कई ब्रांड के पास परफ्यूम और एक्सेसरी जैसे एंट्री-लेवल प्रोडक्ट्स से शुरुआत कर मार्केट टेस्टिंग का सुविधा हो गई है। श्नैल ब्यूटी एंड फ्रेग्रेन्स ने इस साल की शुरुआत में नायका के साथ पार्टनरशिप की है। ब्रैंडमैन रिटेल की सीएमओ काशिका मल्होत्रा के अनुसार इंटरनेशनल ब्रांड्स अब इंडियन कंज्यूमर को सीरियसली लेने लगे हैं और इनकी पसंद के आधार पर प्रोडक्ट ला रहे हैं। कई इंटरनेशनल ब्रांड्स खासकर लक्जरी ब्रांड्स तो इंडिया के लिए स्पेशल एडिशन लॉन्च कर रहे हैं। ब्रैंडमैन, भारत में ऑन और सॉकोनी जैसे प्रोडक्ट का डिस्ट्रिब्यूशन करता है। बेन एंड कंपनी के पार्टनर निखिल प्रसाद ओझा के अनुसार ब्रांड-बिल्डिंग में सालों लगते हैं। ऐसे में ब्रांड्स ब्रांड बिल्डिंग में उन मार्केट्स में इंवेस्ट करना चाहते हैं जहां लॉन्ग टर्म में फायदा मिले। वर्ष 2014 से 2024 के बीच ग्लोबल कंज्यूमर प्रोडक्ट सेल्स ग्रोथ में 60 परसेंट योगदान भारत जैसे एमरजिंग मार्केट्स का था। उन्होंने कहा कि बाजार में एंट्री कब होगी यह जियोपॉलिटिक्स पर निर्भर करता है, लेकिन इस समय भारत पश्चिमी मल्टीनेशनल्स की गुडबुक्स में हैं। 

Share
ग्लोबल ब्रांड को यहीं दिख रहे ग्रोथ के ट्रेंड

 पोटस (प्रेसिडेंट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स) का वोलेटाइल (पल में तोला पल में माशा) व्यवहार कंज्यूमर ब्रांड्स के लिए बड़ा चैलेंज बन रहा है। ऐसे में इन्हें भारत में ग्रोथ का नया पावरहाउस नजर आने लगा है। स्पेन के फास्ट फैशन ब्रांड बश्र्का से लेकर कोरियाई स्किनकेयर ब्रांड संगबून एडिटर तक, दुनियाभर के ब्रांड भारत की यंग, टेक सैवी और शॉपिंग पैटर्न बदल रहे विशालकाय कंज्यूमर बेस पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। कोविड के बाद तो ग्लोबल कंज्यूमर इकोनॉमी में भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ा है और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद इंडिया की ग्रोथ ने ग्लोबल ब्रांड्स का भरोसा भी जीता है। कनाडा का एथलीजर ब्रांड लुलुलेमन 2026 की दूसरी छमाही में इंडिया आ रहा है। इंडिया आने का प्लान करने वाले ग्लोबल ब्रांड्स की लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है। हालांकि ट्रंप टैरिफ को लेकर अभी तक कोई बीच का रास्ता नहीं निकल पाने के कारण ब्रांड्स में थोड़ा कन्फ्यूजन भी है लेकिन डील तो होनी ही है और ग्लोबल स्लोडाउन के बीच उन्हें भारत में मल्टीबैगर (कई गुना) रिटर्न नजर आ रहे हैं। अकेले रिलायंस रिटेल ने ही इस साल 6 विदेशी ब्यूटी ब्रांड्स को भारत में लॉन्च किया है। इनमें फेसजिम भी शामिल है जो जल्दी ही लॉन्च हो जाएगा। चीन के फास्ट फैशन ब्रांड शीन ने भी रिलायंस रिटेल के साथ पार्टनरशिप में इंडिया में कदम रखे हैं। कुशमैन एंड वेकफील्ड के एनेलिस्ट्स के अनुसार, कोविड से पहले हर साल औसतन 12 ग्लोबल ब्रांड्स भारत आते थे जो 2023 में बढक़र लगभग 14 हो गई और 2024 में यह दोगुनी होकर 32 तक पहुंच गई। बीसीजी के भरत मिमानी के अनुसार डवलप्ड मार्केट्स में कंज्यूमर इकोनॉमी के सामने बड़े चैलेंज हैं ऐसे में उन्हें 100 करोड़ कंज्यूमर वाले लगातार बढ़ते भारत में सिल्वर लाइन नजर आ रही है। फैशन सेक्टर में प्रीमियम और ब्रिज-टू-लक्जरी सेगमेंट में जबरदस्त एक्टिविटी चल रही है। प्रीमियम सेगमेंट में भारतीयों की स्पेंडिंग कैपेसिटी बढ़ रही है और यहीं इंटरनेशनल ब्रांड्स को मौके नजर आ रहे हैं। हालांकि सप्लाई साइड में कई अनिश्चितताएं हैं, लेकिन पिछले एक साल में हुए एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स) इन ब्रांड्स के इंडिया प्लान्स को सपोर्ट कर रहे हैं। ग्लोबल ब्रांड्स के लिए पॉजिटिव यह भी है कि ज्यादातर के लिए भारत एक बड़ा सोर्सिंग पार्टनर है। जिनके पास इंडिया में मैन्युफैक्चरिंग बेस नहीं है वे पहले ब्रांड लॉन्च करना चाहते हैं और फिर प्रोडक्शन फैसिलिटी। जो विदेशी ब्रांड पहले से भारत में हैं, वे अपने ऑपरेशन्स का विस्तार कर रहे हैं। डेनमार्क का टॉय ब्रांड लेगो भारत में 2020 से है ने हाल ही गुरुग्राम में पहला एक्सक्लूसिव स्टोर खोला। दूसरी ओर टाटा क्लिक, मिन्त्रा, और नायका जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉम्र्स ने भारत में ब्रांड्स की पहुंच को आसान बनाया है। जिससे कई ब्रांड के पास परफ्यूम और एक्सेसरी जैसे एंट्री-लेवल प्रोडक्ट्स से शुरुआत कर मार्केट टेस्टिंग का सुविधा हो गई है। श्नैल ब्यूटी एंड फ्रेग्रेन्स ने इस साल की शुरुआत में नायका के साथ पार्टनरशिप की है। ब्रैंडमैन रिटेल की सीएमओ काशिका मल्होत्रा के अनुसार इंटरनेशनल ब्रांड्स अब इंडियन कंज्यूमर को सीरियसली लेने लगे हैं और इनकी पसंद के आधार पर प्रोडक्ट ला रहे हैं। कई इंटरनेशनल ब्रांड्स खासकर लक्जरी ब्रांड्स तो इंडिया के लिए स्पेशल एडिशन लॉन्च कर रहे हैं। ब्रैंडमैन, भारत में ऑन और सॉकोनी जैसे प्रोडक्ट का डिस्ट्रिब्यूशन करता है। बेन एंड कंपनी के पार्टनर निखिल प्रसाद ओझा के अनुसार ब्रांड-बिल्डिंग में सालों लगते हैं। ऐसे में ब्रांड्स ब्रांड बिल्डिंग में उन मार्केट्स में इंवेस्ट करना चाहते हैं जहां लॉन्ग टर्म में फायदा मिले। वर्ष 2014 से 2024 के बीच ग्लोबल कंज्यूमर प्रोडक्ट सेल्स ग्रोथ में 60 परसेंट योगदान भारत जैसे एमरजिंग मार्केट्स का था। उन्होंने कहा कि बाजार में एंट्री कब होगी यह जियोपॉलिटिक्स पर निर्भर करता है, लेकिन इस समय भारत पश्चिमी मल्टीनेशनल्स की गुडबुक्स में हैं। 


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news