पूंजी बाजार नियामक सेबी बॉन्ड बाजार को विस्तार देने और खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर्स की एक नई श्रेणी शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्णकालिक सदस्य अमरजीत सिंह ने बुधवार को कहा कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य बॉन्ड यानी डेट उत्पादों की पहुंच को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड क्षेत्र की तरह ऐसे डिस्ट्रीब्यूटर्स की जरूरत है, जो खुदरा निवेशकों के लिए निवेश प्रक्रिया को सरल बना सकें, जिसमें ‘केवाईसी’ (अपने ग्राहक को जानें) प्रावधान, दस्तावेजीकरण और लेनदेन की शुरुआत शामिल है। सिंह ने उद्योग संगठन फिक्की के एक कार्यक्रम में कहा कि वितरण प्रणाली यह तय करती है कि वित्त कुछ हाथों में ही सिमटा रहेगा या व्यापक आर्थिक भागीदारी का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि खासकर नए निवेशकों के लिए डिस्ट्रीब्यूटर वित्तीय बाजारों से जुडऩे का पहला माध्यम होते हैं। सिंह ने कहा कि पहले से रजिस्टर्ड एक्टिव डिस्ट्रीब्यूटर्स की संख्या पिछले पांच वर्षों में 2.4 लाख से बढक़र 3.4 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि किसी डिस्ट्रीब्यूटर की सफलता को केवल प्रबंधन-अधीन संपत्तियों (एयूएम) के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए, बल्कि निवेशकों की निरंतरता, बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान उनका व्यवहार, सेवा की गुणवत्ता और शिकायत निवारण जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा, हमें इन मानकों को विकसित करने की जरूरत है। इनमें से कुछ को मापना कठिन है, लेकिन वे बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही सेबी के पूर्णकालिक सदस्य ने कहा कि कम रकम से भी होने वाले एसआईपी निवेश को बढ़ाने पर ध्यान देने की जरूरत है।