भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में एकल आधार पर छह प्रतिशत बढक़र 19,684 करोड़ रुपये रहा। बैंक ने शुक्रवार को कहा कि फंसे कर्ज में सुधार होने से लाभ में यह बढ़ोतरी दर्ज की गई। देश के सबसे बड़े बैंक ने वित्त वर्ष 2024-25 की जनवरी-मार्च तिमाही में 18,643 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में बैंक की कुल आय घटकर 1,40,412 करोड़ रुपये रह गई, जो 2024-25 पहले समान तिमाही में 1,43,876 करोड़ रुपये थी। चौथी तिमाही के दौरान बैंक की ब्याज आय बढक़र 1,23,098 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 1,19,666 करोड़ रुपये थी। बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार हुआ। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में कुल कर्ज का 1.49 प्रतिशत रह गईं, जो 2024-25 की समान तिमाही के अंत में 1.82 प्रतिशत थीं। इसी तरह, शुद्ध एनपीए घटकर 0.39 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 0.47 प्रतिशत था। चौथी तिमाही में एकीकृत आधार पर एसबीआई का शुद्ध लाभ मामूली बढक़र 19,643 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 19,600 करोड़ रुपये था। कुल आय बढक़र 1,81,079 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान अवधि में 1,79,562 करोड़ रुपये थी। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक का एकल आधार पर शुद्ध लाभ 13 प्रतिशत बढक़र 80,032 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 70,901 करोड़ रुपये था। बैंक के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एक रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर पर 17.35 रुपये के लाभांश की घोषणा की है। बैंक ने कहा कि लाभांश पाने के पात्र शेयरधारकों के निर्धारण के लिए रिकॉर्ड तिथि 16 मई है, जबकि लाभांश का भुगतान चार जून को किया जाएगा।