एपल ने हाल ही मैकबुक की नई अफोर्डेबल रेंज निओ लॉन्च की है। इसी तरह कंपनी ने आईफोन17 सीरीज में नया वेरिएंट 17ई केवल 65 हजार रुपये की प्राइस पर पोजिशन किया है। खास बात यह कि इन दोनों प्रोडक्ट्स को कंपनी नए प्रीमियम मास मार्केट कस्टमर तक पहुंचने की कोशिश बता चुकी है। आईफोन मेकर ने 1 अप्रेल को ही अपनी पचासवां फाउंडेशन डे मनाया है। चीन में देसी ब्रांड्स के चलते रिवर्सल झेल रही एपल भारत को अपने नेक्स्ट ग्रोथ मार्केट के रूप में डवलप करना चाहती है लेकिन प्राइस पॉइंट इसमें बड़ा बैरियर बना हुआ है। ऐसे मेंं एपल के बेंचमार्क के अनुसार इन अफोर्डेबल प्रोडक्ट्स के जरिए क्या एपल एक नया पन्ना पलट रही है? एनेलिस्ट्स के अनुसार आईफोन17ई हो या मैकबुक निओ के लॉन्च के पीछे पूरी कवायद कस्टमर को दाना डालने या कहें तो ललचाने की है...एपल लेकिन कम दाम पर। लेकिन कहानी इतनी भर नहीं है और एपल का यह मूव टैक्टिकल नहीं बल्कि स्ट्रेटेजिक है। एपल शायद अपने 50 साल की जर्नी में पहली बार डाउन मार्केट एक्सरसाइज कर रही है लेकिन बड़ी नफासत के साथ। एआई एनेलिस्ट योगेश बरार कहते हैं यह बदलाव विशेष रूप से भारत जैसे मार्केट्स में एस्पिरेशनल एक्सैसिबल की एक मास्टरक्लास हैं। भारत इसलिए क्योंकि यहां प्रीमियम प्रोडक्ट्स के बायर्स की एक बिल्कुल नई जेनरेशन आकार ले रही है। आईफोन17 ई की खासियत पावर को इंटेलीजेंट तरीके से रीडिस्ट्रिब्यूट करने में है। इसमें एपल की लेटेस्ट सिलिकॉन चिप है जिसे हाईएंड एक्सपीरियंस के बजाय रियल वल्र्ड क्लास परफॉर्मेन्स के लिए डिजाइन किया गया है। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के वाइस प्रेसिडेंट प्रभु राम के अनुसार, एपल ने बहुत करीने से तय किया है कि क्या चलेगा और क्या फेजआउट होगा। आईफोन 17ई के साथ एपल ने हाई एंड एक्सपीरियंस देने वाले फीचर्स जैसे ए19 चिप, सिरेमिक शील्ड 2 डिस्प्ले, मैगसेफ सपोर्ट और 256जीबी बेस स्टोरेज को बरकरार रखते हुए प्रमोशन और एडवांस्ड मल्टी-कैमरा सिस्टम जैसी फीचर को हटा दिया है। इससे डिस्प्ले फास्ट हुआ, कलर क्लैरिटी सुधरी है और ब्राइटनैस जितनी जरूरी है उतनी ही मिलती है। यह भी तब जब प्रोलाइन वाली फास्ट रिफ्रेश रेट इसमें नदारद है। कैमरा सिस्टम एपल की कम्प्यूटेशनल फोटोग्राफी पर बहुत अधिक निर्भर करता है। नई सिलिकॉन चिप के चलते बैटरी आराम से पूरे दिन चल जाती है। बरार के अनुसार फ्लैगशिप फीचर और परफॉर्मेन्स को एग्रेसिव प्राइस पॉइंट पर ऑफर कर एपल एंट्री बैरियर को बहुत सफाई से नीचे ला रही है और वो भी एपल के सिग्नेचर हैलो इफेक्ट से समझौता किए बिना। कंपनी पुरानी जेनरेशन को डिस्काउंट पर बेचने के बजाय न्यू जेनरेशन हार्डवेयर ऑफर करने की कोशिश में है। कंपनी इसके जरिए न्यू जेन निओ रिच मिडल क्लास को टार्गेट कर रही है जिसे आने वाले सालों में एपल ब्रांड में ही अपग्रेड किया जाएगा। काउंटरपॉइंट रिसर्च के तरुण पाठक इसे गेटवे कदम कहते हैं। कंपनी इन प्रोडक्ट्स के जरिए नए बायर को एपल ब्रांड के साथ जोडऩे के लिए दरवाजे खोल रही है। लैपटॉप और स्मार्टफोन ब्रांड के सबसे पहले गेटवे हैं इसलिए इस कदम के जरिए एपल एस्पिरेशन बायर और जेन•ाी को टार्गेट कर रही है।