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29-05-2026

भेड़ चराने की वैकेंसी पर टूट पड़े चीनी

  •  आप जानते हैं चीन गधों का सबसे बड़ा इंपोर्टर है। एक्सपोर्टर कौन है बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन चीन में इन दिनों एक जॉब वैकेंसी का एड सोशल मीडिया पर जबरदस्त उड़ रहा है। मामला किसी बड़ी टेक कंपनी या हाई सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी का नहीं था, बल्कि भेड़ चराने की नौकरी का था। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इस नौकरी के लिए सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों लोगों ने दिलचस्पी दिखाई। चीन के किसान जुओ शियाओयोंग ने अप्रैल के आखिर में दो चरवाहों की भर्ती के लिए विज्ञापन डाला था। काम था मंगोलिया सीमा के पास दूर-दराज घास के मैदानों में लगभग 3 हजार भेड़ों की देखभाल करना। नौकरी कठिन थी, मौसम बेहद ठंडा और इलाका काफी सुनसान। फिर भी कुछ ही घंटों में यह पोस्ट चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर वायरल हो गई और करीब 5.9 करोड़ बार देखी गई। सबसे दिलचस्प बात यह थी कि आवेदन करने वालों में फैक्ट्री वर्कर, कॉर्पोरेट एक्जेक्टिव, बड़े शहरों के व्हाइट कॉलर कर्मचारी और यहां तक कि यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट भी शामिल थे। इस वायरल पोस्ट ने चमचमाते चीन के क्राइसिस में फिसल रहे जॉब मार्केट की असली तस्वीर दिखा दी। कई युवा आज शहरों की तेज रफ्तार जिंदगी और लंबे कामकाजी घंटों से परेशान हैं। चीन में 996 वर्क कल्चर काफी चर्चित है, जहां सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक, हफ्ते में 6 दिन काम करना आम माना जाता है। 21 साल के जेम्स गुओ नाम के एक युवक ने बताया कि वह शिपिंग कंटेनर फैक्ट्री में 13 घंटे तक लगातार स्क्रू कसने का काम करता था। उसके हाथों में छाले पड़ गए थे और कई बार बाथरूम जाने तक का समय नहीं मिलता था। ऐसे में उसे भेड़ चराने की नौकरी ज्यादा बेहतर लगी। इस नौकरी में हर व्यक्ति को लगभग 8 हजार युआन महीने की सैलरी मिल रही थी, जो चीन की औसत प्राइवेट सैक्टर सैलरी से ज्यादा है। रहना और खाना मुफ्त अलग से। हालांकि काम आसान बिल्कुल नहीं था। सर्दियों में तापमान माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। कई लोग इस नौकरी को सिटी लाइफ से पीछा छुड़ाने का मौका मान रहे थे। 28 साल की वू नाम की एक महिला, जो ई-कॉमर्स सेक्टर में काम करती हैं, ने कहा कि वह रोज ऑफिस पॉलिटिक्स और तनाव से थक चुकी हैं। उन्हें शांत और अकेली जिंदगी ज्यादा आकर्षक लगने लगी है।चीन में एक और बड़ी समस्या कर्स ऑफ 35 भी बनती जा रही है। 35 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कई कंपनियां नौकरी देने से बचती हैं। ऐसे में मिड-करियर कर्मचारी भी अब वैकल्पिक नौकरियों की तलाश कर रहे हैं। आखिर में किसान जुओ ने चार अनुभवी चरवाहों को नौकरी दी, लेकिन उनके पास अब भी दर्जनों लोगों की वेटिंग लिस्ट मौजूद है। उन्होंने मजाक में कहा कि यह कोई टूरिस्ट स्पॉट नहीं है। यहां कई बार पूरे साल इंसान का चेहरा तक नहीं दिखता।

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भेड़ चराने की वैकेंसी पर टूट पड़े चीनी

 आप जानते हैं चीन गधों का सबसे बड़ा इंपोर्टर है। एक्सपोर्टर कौन है बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन चीन में इन दिनों एक जॉब वैकेंसी का एड सोशल मीडिया पर जबरदस्त उड़ रहा है। मामला किसी बड़ी टेक कंपनी या हाई सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी का नहीं था, बल्कि भेड़ चराने की नौकरी का था। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इस नौकरी के लिए सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों लोगों ने दिलचस्पी दिखाई। चीन के किसान जुओ शियाओयोंग ने अप्रैल के आखिर में दो चरवाहों की भर्ती के लिए विज्ञापन डाला था। काम था मंगोलिया सीमा के पास दूर-दराज घास के मैदानों में लगभग 3 हजार भेड़ों की देखभाल करना। नौकरी कठिन थी, मौसम बेहद ठंडा और इलाका काफी सुनसान। फिर भी कुछ ही घंटों में यह पोस्ट चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर वायरल हो गई और करीब 5.9 करोड़ बार देखी गई। सबसे दिलचस्प बात यह थी कि आवेदन करने वालों में फैक्ट्री वर्कर, कॉर्पोरेट एक्जेक्टिव, बड़े शहरों के व्हाइट कॉलर कर्मचारी और यहां तक कि यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट भी शामिल थे। इस वायरल पोस्ट ने चमचमाते चीन के क्राइसिस में फिसल रहे जॉब मार्केट की असली तस्वीर दिखा दी। कई युवा आज शहरों की तेज रफ्तार जिंदगी और लंबे कामकाजी घंटों से परेशान हैं। चीन में 996 वर्क कल्चर काफी चर्चित है, जहां सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक, हफ्ते में 6 दिन काम करना आम माना जाता है। 21 साल के जेम्स गुओ नाम के एक युवक ने बताया कि वह शिपिंग कंटेनर फैक्ट्री में 13 घंटे तक लगातार स्क्रू कसने का काम करता था। उसके हाथों में छाले पड़ गए थे और कई बार बाथरूम जाने तक का समय नहीं मिलता था। ऐसे में उसे भेड़ चराने की नौकरी ज्यादा बेहतर लगी। इस नौकरी में हर व्यक्ति को लगभग 8 हजार युआन महीने की सैलरी मिल रही थी, जो चीन की औसत प्राइवेट सैक्टर सैलरी से ज्यादा है। रहना और खाना मुफ्त अलग से। हालांकि काम आसान बिल्कुल नहीं था। सर्दियों में तापमान माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। कई लोग इस नौकरी को सिटी लाइफ से पीछा छुड़ाने का मौका मान रहे थे। 28 साल की वू नाम की एक महिला, जो ई-कॉमर्स सेक्टर में काम करती हैं, ने कहा कि वह रोज ऑफिस पॉलिटिक्स और तनाव से थक चुकी हैं। उन्हें शांत और अकेली जिंदगी ज्यादा आकर्षक लगने लगी है।चीन में एक और बड़ी समस्या कर्स ऑफ 35 भी बनती जा रही है। 35 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कई कंपनियां नौकरी देने से बचती हैं। ऐसे में मिड-करियर कर्मचारी भी अब वैकल्पिक नौकरियों की तलाश कर रहे हैं। आखिर में किसान जुओ ने चार अनुभवी चरवाहों को नौकरी दी, लेकिन उनके पास अब भी दर्जनों लोगों की वेटिंग लिस्ट मौजूद है। उन्होंने मजाक में कहा कि यह कोई टूरिस्ट स्पॉट नहीं है। यहां कई बार पूरे साल इंसान का चेहरा तक नहीं दिखता।


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