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18-09-2025

क्वांटलेस लैब के पूर्व सीईओ ने सेबी के साथ सैटल किया इनसाइडर ट्रेडिंग का मामला

  •  इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी की अनुषंगी क्वांटलेस लैब एलएलसी के पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अजय भाटिया ने 1.05 करोड़ रुपये की निपटान राशि का भुगतान करके बाजार नियामक सेबी के साथ कथित इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले का निपटान कर लिया है। सेबी ने अपने निपटान आदेश में कहा कि इसके अतिरिक्त, भाटिया ने 9.58 लाख रुपये के ब्याज सहित 55.34 लाख रुपये के गलत तरीके से अर्जित लाभ को वापस कर दिया। उन्होंने प्रतिभूति बाजार से छह महीने का स्वैच्छिक प्रतिबंध भी स्वीकार कर लिया है। यह मामला अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) द्वारा आठ अप्रैल, 2022 को आईएचसी को तरजीही आधार पर दो करोड़ से अधिक इक्विटी शेयर जारी करने से संबंधित है। इस जानकारी को कीमत से जुड़ी अप्रकाशित  संवेदनशील जानकारी (यूपीएसआई) माना गया था। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने आरोप लगाया कि भाटिया ने ई-मेल के माध्यम से संवेदनशील जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इस जानकारी को एक अन्य व्यक्ति, सुप्रीत सिंह लूथरा के साथ साझा किया और इस जानकारी के साथ एजीईएल, अदाणी एंटरप्राइजेज (एईएल) और अदाणी ट्रांसमिशन (एटीएल) में कारोबार किया। भाटिया ने चार से आठ अप्रैल, 2022 के दौरान, एजीईएल, एईएल और एटीएल के शेयर/वायदा खरीदे और कथित तौर पर 55.34 लाख रुपये का अवैध लाभ कमाया। एक अलग निपटान आदेश में, लूथरा ने सेबी के साथ अपने खिलाफ इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों का निपटारा किया। इसके लिए 40 लाख रुपये की निपटान राशि और 13.13 लाख रुपये वापस किए तथा 2.93 लाख रुपये के ब्याज का भुगतान किया। सेबी ने कहा, ‘‘आवेदक ने निपटान आदेश की तारीख से छह महीने की अवधि के लिए भारतीय प्रतिभूति बाजार से स्वेच्छा से खुद को दूर रखने की अपनी वचनबद्धता के बारे में भी सूचित किया है।’’

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क्वांटलेस लैब के पूर्व सीईओ ने सेबी के साथ सैटल किया इनसाइडर ट्रेडिंग का मामला

 इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी की अनुषंगी क्वांटलेस लैब एलएलसी के पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अजय भाटिया ने 1.05 करोड़ रुपये की निपटान राशि का भुगतान करके बाजार नियामक सेबी के साथ कथित इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले का निपटान कर लिया है। सेबी ने अपने निपटान आदेश में कहा कि इसके अतिरिक्त, भाटिया ने 9.58 लाख रुपये के ब्याज सहित 55.34 लाख रुपये के गलत तरीके से अर्जित लाभ को वापस कर दिया। उन्होंने प्रतिभूति बाजार से छह महीने का स्वैच्छिक प्रतिबंध भी स्वीकार कर लिया है। यह मामला अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) द्वारा आठ अप्रैल, 2022 को आईएचसी को तरजीही आधार पर दो करोड़ से अधिक इक्विटी शेयर जारी करने से संबंधित है। इस जानकारी को कीमत से जुड़ी अप्रकाशित  संवेदनशील जानकारी (यूपीएसआई) माना गया था। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने आरोप लगाया कि भाटिया ने ई-मेल के माध्यम से संवेदनशील जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इस जानकारी को एक अन्य व्यक्ति, सुप्रीत सिंह लूथरा के साथ साझा किया और इस जानकारी के साथ एजीईएल, अदाणी एंटरप्राइजेज (एईएल) और अदाणी ट्रांसमिशन (एटीएल) में कारोबार किया। भाटिया ने चार से आठ अप्रैल, 2022 के दौरान, एजीईएल, एईएल और एटीएल के शेयर/वायदा खरीदे और कथित तौर पर 55.34 लाख रुपये का अवैध लाभ कमाया। एक अलग निपटान आदेश में, लूथरा ने सेबी के साथ अपने खिलाफ इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों का निपटारा किया। इसके लिए 40 लाख रुपये की निपटान राशि और 13.13 लाख रुपये वापस किए तथा 2.93 लाख रुपये के ब्याज का भुगतान किया। सेबी ने कहा, ‘‘आवेदक ने निपटान आदेश की तारीख से छह महीने की अवधि के लिए भारतीय प्रतिभूति बाजार से स्वेच्छा से खुद को दूर रखने की अपनी वचनबद्धता के बारे में भी सूचित किया है।’’


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