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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

16-04-2026

वर्तमान भाव में केसर का व्यापार भरपूर लाभदायक रहेगा

  •  केसर फूल का उत्पादन इस बार कम होने से निर्यातक नीचे भाव में काफी माल झटक लिए हैं। उत्पादक मंडियों एवं प्रोसेसिंग प्लांटों में फूल की आपूर्ति कमजोर होने से केसर काफी तेजी लिए टिका हुआ है। जिस हिसाब से निर्यात में माल जा रहा है तथा ईरान सहित आसपास के देशों में बर्बादी है, इसे देखते हुए शीघ्र 20-25 रुपए प्रति ग्राम और तेजी के आसार बन गए हैं। केसर का सीजन 4 महीने से चल रहा है, जिससे कारोबारी दिसंबर माह से ही खरीद करने लगे थे। गौरतलब है कि अगस्त-सितंबर तक पुराने माल औने-पौने भाव में कारोबारियों 90 प्रतिशत कट गए थे, लेकिन अक्टूबर के मध्य से केसर के फूल में कारोबारियों को माल नहीं मिलने से इसके भाव एवरेज माल के 110 से बढक़र 170 रुपए प्रति ग्राम हो गए हैं। कुछ प्रसिद्ध ब्रांड के केसर 180/185 रुपए तक बिक रहे हैं। जनवरी में खरमास रहा, कुछ शादियां शुरू हुई, उसके बाद ईरान इजरायल अमेरिका का जंग छिड़ गया, उसके बाद केसर 250 रुपए प्रति ग्राम हो गया। नीचे वाले ईरानी माल भी 220/225 बोलने लगे हैं। आगे शादियां अगले सप्ताह से चलने वाली है, इस वजह से केसर की खपत बढ़ जाएगी। दूसरी ओर ग्रीस अफगानिस्तान ईरान से केसर नहीं आ पाएगा। इसका निर्यात व्यापार यूएसए यूएई सहित सभी देशों के लिए व्यापार हो रहा है। इधर डॉलर, रुपया के तुलना में महंगा हो गया है, इसका भी निर्यात में समर्थन मिल रहा है। गौरतलब है कि पाकिस्तान से पिछले दिनों की लड़ाई से उत्पादन कम हुआ है, ईरान में केसर अस्सी प्रतिशत नष्ट हो गया है, इसमें कोई दो राय नहीं है। कुछ विशेषज्ञ प्रतिकूल मौसम से कश्मीर की घाटियों में इस बार केसर के फूल की उपलब्धि कम की बात बोल रहे हैं। जिस कारण उत्पादन करने वाले मंडियों में माल उपलब्धि, अपेक्षाकृत कम होने से भाव बढ़ाकर बोलने लगे हैं। इधर पाइप लाइन में माल नहीं होने के साथ-साथ लंदन सहित दूसरे देशों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक निर्यात मांग चल रही है। अभी कुछ दिन ठहर कर बाजार में अभी और तेजी का अंदेशा बन गया है। व्यापारी वर्ग का कहना है कि अभी केसर की खपत का वास्तविक सीजन आगे जबरदस्त रहने वाला है। अमृतसर लुधियाना श्रीनगर पामपुरम बद्दी सोलन आदि क्षेत्रों में गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 64-65 प्रतिशत ही स्टाक हो पाया है तथा अब कारोबारियों को माल खरीदने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है, क्योंकि ईरान का माल नहीं आ रहा है। अब देखना यह है कि अगले दिनों में केसर के फूल की आपूर्ति एवं कारोबारियों व निर्माताओं को उपलब्धि कैसी रहती है। अभी तक की प्रतिस्पर्धात्मक खरीद को देखते हुए शॉर्टेज में आ गया। कारोबारी इसमें तेजी का एक और कारण यह बता रहे हैं कि अ$फ$गानिस्तान तालिबान वाले क्षेत्रों से भी इस बार केसर की निकासी कम हो रही है। दूसरी ओर ईरान में स्टॉक की बर्बादी हुई है, इन परिस्थितियों में बढिय़ा केसर 100 रुपए प्रति ग्राम आने वाले समय में और बढ़ सकता है।

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वर्तमान भाव में केसर का व्यापार भरपूर लाभदायक रहेगा

 केसर फूल का उत्पादन इस बार कम होने से निर्यातक नीचे भाव में काफी माल झटक लिए हैं। उत्पादक मंडियों एवं प्रोसेसिंग प्लांटों में फूल की आपूर्ति कमजोर होने से केसर काफी तेजी लिए टिका हुआ है। जिस हिसाब से निर्यात में माल जा रहा है तथा ईरान सहित आसपास के देशों में बर्बादी है, इसे देखते हुए शीघ्र 20-25 रुपए प्रति ग्राम और तेजी के आसार बन गए हैं। केसर का सीजन 4 महीने से चल रहा है, जिससे कारोबारी दिसंबर माह से ही खरीद करने लगे थे। गौरतलब है कि अगस्त-सितंबर तक पुराने माल औने-पौने भाव में कारोबारियों 90 प्रतिशत कट गए थे, लेकिन अक्टूबर के मध्य से केसर के फूल में कारोबारियों को माल नहीं मिलने से इसके भाव एवरेज माल के 110 से बढक़र 170 रुपए प्रति ग्राम हो गए हैं। कुछ प्रसिद्ध ब्रांड के केसर 180/185 रुपए तक बिक रहे हैं। जनवरी में खरमास रहा, कुछ शादियां शुरू हुई, उसके बाद ईरान इजरायल अमेरिका का जंग छिड़ गया, उसके बाद केसर 250 रुपए प्रति ग्राम हो गया। नीचे वाले ईरानी माल भी 220/225 बोलने लगे हैं। आगे शादियां अगले सप्ताह से चलने वाली है, इस वजह से केसर की खपत बढ़ जाएगी। दूसरी ओर ग्रीस अफगानिस्तान ईरान से केसर नहीं आ पाएगा। इसका निर्यात व्यापार यूएसए यूएई सहित सभी देशों के लिए व्यापार हो रहा है। इधर डॉलर, रुपया के तुलना में महंगा हो गया है, इसका भी निर्यात में समर्थन मिल रहा है। गौरतलब है कि पाकिस्तान से पिछले दिनों की लड़ाई से उत्पादन कम हुआ है, ईरान में केसर अस्सी प्रतिशत नष्ट हो गया है, इसमें कोई दो राय नहीं है। कुछ विशेषज्ञ प्रतिकूल मौसम से कश्मीर की घाटियों में इस बार केसर के फूल की उपलब्धि कम की बात बोल रहे हैं। जिस कारण उत्पादन करने वाले मंडियों में माल उपलब्धि, अपेक्षाकृत कम होने से भाव बढ़ाकर बोलने लगे हैं। इधर पाइप लाइन में माल नहीं होने के साथ-साथ लंदन सहित दूसरे देशों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक निर्यात मांग चल रही है। अभी कुछ दिन ठहर कर बाजार में अभी और तेजी का अंदेशा बन गया है। व्यापारी वर्ग का कहना है कि अभी केसर की खपत का वास्तविक सीजन आगे जबरदस्त रहने वाला है। अमृतसर लुधियाना श्रीनगर पामपुरम बद्दी सोलन आदि क्षेत्रों में गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 64-65 प्रतिशत ही स्टाक हो पाया है तथा अब कारोबारियों को माल खरीदने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है, क्योंकि ईरान का माल नहीं आ रहा है। अब देखना यह है कि अगले दिनों में केसर के फूल की आपूर्ति एवं कारोबारियों व निर्माताओं को उपलब्धि कैसी रहती है। अभी तक की प्रतिस्पर्धात्मक खरीद को देखते हुए शॉर्टेज में आ गया। कारोबारी इसमें तेजी का एक और कारण यह बता रहे हैं कि अ$फ$गानिस्तान तालिबान वाले क्षेत्रों से भी इस बार केसर की निकासी कम हो रही है। दूसरी ओर ईरान में स्टॉक की बर्बादी हुई है, इन परिस्थितियों में बढिय़ा केसर 100 रुपए प्रति ग्राम आने वाले समय में और बढ़ सकता है।


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