गत सप्ताह आपूर्ति घटने तथा उत्पादन में पोल से देसी चना, राजमां चित्रा, काबुली चना एवं मसूर में तेजी लिए व्यापार हुए, जबकि बारीक चावल गेहूं उड़द तुवर में मंदे के बाद सुधार देखा गया। आलोच्य सप्ताह राजस्थान मध्य प्रदेश महाराष्ट्र एवं कर्नाटक से देसी चने की आपूर्ति में छह-सात प्रतिशत की कमी आ गई। दूसरी ओर नीचे वाले भाव में दाल मिलों की लिवाली चलने से जो नया देसी चना राजस्थानी यहां 5500/5525 रुपए प्रति क्विंटल बिका था, उसके भाव 5625/5650 रुपए लॉरेंस रोड पर खड़ी मोटर में हो गए। चने की दाल भी नीचे में 6250 रुपए प्रति क्विंटल बिकने के बाद 6350 हो गई। सूखी दाल भी इसी अनुपात में तेज बंद हुई। इसके अलावा मसूर भी बिल्टी में 6600 रुपए से बढक़र 6800 रुपए प्रति क्विंटल ढाई किलो कंडीशन वाली यहां बिक गई। छोटी मसूर भी माल की शॉर्टेज में 7800 से उछलकर ऊपर में 8200 रुपए प्रति क्विंटल बिक गई। दाल व मलका में भी इसी अनुपात में तेजी दर्ज की गई। इधर काबुली चना मीडियम क्वालिटी का भी 6100/6500 से बढक़र 6400/6800 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। ऊपर वाला माल भी इसी अनुपात में तेज बोला गया। राजमां चित्रा इंडियन ब्राज़ील भी नीचे भाव पर स्टॉकिस्टों व चुगाई वालों की लिवाली से 300/400 रुपए बढक़र 8600/8800 रुपए प्रति कुंतल हो गया। चीन के भाव भी इसी अनुपात में तेज बोले गए। उड़द मूंग तुवर में मिला-जुला रख रहा। अनाजों में गेहूं पुराना 2630 से बढक़र 2650 रुपए ऊपर में बिकने के बाद सप्ताह में नये माल की बिकवाली आने से पुन: घटकर 2625 रुपए रह गया। नया माल 2600 रुपए बिकने की खबर थी। बासमती प्रजाति के सभी चावल में सप्ताह के पूर्वार्ध में 200/300 रुपए बढऩे के बाद सप्ताहांत में 100/200 रुपए घट गया, लेकिन घटे भाव में माल नहीं मिलने से अंदर से अकड़ बरकरार रही। मक्की बाजरा भी उत्पादक मंडियों से हरियाणा पंजाब पहुंच में तेज बोले गए। बारीक चावल में पूरे सप्ताह घट-बढ़ के बाद अंत में 200 रुपए की सभी प्रजातियों में तेजी आ गयी।