आपको भले ही भरोसा नहीं हो लेकिन अगले पांच साल में इंडिया एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग बड़ा हब बनने जा रहा है। स्पेन के सहयोग से वडोदरा में बन रहे सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की डिलिवरी शुरू हो चुकी है। हाल ही अडानी ग्रुप ने ब्राजील के एम्ब्रायर रीजनल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और इटली के लियोनार्डो ग्रुप के साथ हेलीकॉप्टर लाइसेंस मैन्युफैक्चरिंग की डील की है। कई अन्य मिलिटरी, फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर प्रोजेक्ट भी पाइपलाइन में हैं। इसी दिशा में फ्रांस की फ्लाइंग व्हेल्स और भारत के बीएलपी ग्रुप के बीच हुए जेवी के तहत हैवी-लिफ्ट कार्गो एयरशिप भारत में बनाए जाएंगे। प्लान के तहत भारत में एलसीए60टी कार्गो एयरशिप के लिए फाइनल असेंबली लाइन लगाई जाएगी। एलसीए 60टी (लार्ज कैपेसिटी एयरशिप 60 टन) एक हार्डबॉडी हीलियम आधारित एयरशिप है, जो बिना लैंडिंग और बिना सडक़, रेल या पोर्ट के सहारे सीधे दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में 60 टन तक का माल पहुंचाने में सक्षम है। इसकी होवरिंग और वर्टिकल-लोडिंग क्षमता इसे खास बनाती है, जिससे पवन ऊर्जा (विंड टरबाइन ब्लेड), हाई-वोल्टेज टावर, निर्माण, रक्षा और मानवीय राहत जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलते हैं। इस जेवी के तहत मैन्युफैक्चरिंग के अलावा ऑपरेशन, सर्विसेज और तकनीकी तैनाती को शामिल करते हुए बड़ा इकोसिस्टम तैयार किया जाएगी। फ्लाइंग व्हेल्स के पास पहले से ही 90 ऑर्डर हैं जिससे यह एयरशिप नागरिक और रक्षा क्षेत्रों के साथ-साथ रिन्यूएबल एनर्जी, कंस्ट्रक्शन, दूरदराज गुड्स ट्रांसपोर्ट, मोबाइल अस्पताल और आपदा राहत में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह प्रोजेक्ट तमिलनाडु में लगेगा और इसे मिडल-ईस्ट और आसियान देशों के लिए रीजनल सेटर के रूप में डवलप किया जाएगा।