भारत का स्मार्टफोन एक्सपोर्ट लागत दबाव और कमजोर डिमांड के कारण 2026 के पहले क्वार्टर (जनवरी-मार्च) में सालाना आधार पर तीन प्रतिशत घट गया है। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के मासिक इंडिया स्मार्टफोन ट्रैकर के अनुसार यह गत छह वर्षों की सबसे कमजोर तिमाही रही। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के रिसर्च एनेलिस्ट ने कहा कि निकट भविष्य में भारतीय स्मार्टफोन बाजार पर दबाव बना रहने की उम्मीद है। वर्ष 2026 की दूसरे क्वार्टर (अप्रैल-जून) में दहाई अंकों की गिरावट हो सकती है, क्योंकि मेमोरी (रैम) की बढ़ी हुई कीमतों और शुरुआती स्तर की कमजोर मांग का असर कुल बिक्री पर पड़ रहा है। उनके अनुसार पूरे साल के लिए बाजार में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है, क्योंकि पुर्जों की लागत में लगातार वृद्धि डिमांड को प्रभावित कर रही है और फोन बदलने की अवधि को लंबा कर रही है। मेमोरी की कीमत गत तीन तिमाहियों में चार गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि ब्रांड प्रीमियम आधारित वृद्धि और पोर्टफोलियो के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में प्रीमियम खंड अपेक्षाकृत मजबूत बना रह सकता है, लेकिन किफायती श्रेणी में जारी कमजोरी के कारण सुधार की प्रक्रिया धीमी और असमान रह सकती है। ट्रैकर के अनुसार गिरावट का कारण आपूर्ति पक्ष की लागत के दबाव, कंपनियों द्वारा कीमतों में की गई वृद्धि और कमजोर उपभोक्ता मांग है, जिसने नयी पेशकश के बावजूद खुदरा बिक्री को प्रभावित किया।