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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

02-06-2026

अमेरिका का नया समर क्राइसिस: जेब जला रहा एसी

  • अमेरिका में इस समय बढ़ते बिजली बिल लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं, और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। नेशनल एनर्जी असिस्टेंस डायरेक्टर्स एसोसिएशन के अनुमान के अनुसार, 2025 में अमेरिकी परिवारों का गर्मी के सीजन का औसत बिजली बिल 784 डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले 12 वर्ष में सबसे ज्यादा है। महंगी होती बिजली और लगातार गर्म होते मौसम ने लाखों परिवारों के घरेलू बजट को पटरी से उतार दिया है। हाल ही में किए गए एक सर्वे में पाया गया कि गरीब और मध्यम आय वर्ग के 37 परसेंट परिवार आमतौर कम से कम एक महीने के लिए अपना बिजली बिल  नहीं चुका पा रहे हैं। यानी बिजली का खर्च अब केवल सुविधा का नहीं बल्कि आर्थिक चिंता का विषय बन चुका है।

    इस समस्या के पीछे सबसे बड़ा कारण एयर कंडीशनिंग है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोग गर्मी से राहत पाने के लिए अधिक समय तक एसी चला रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय एनर्जी एजेंसी के अनुसार, दुनिया भर में बिजली की कुल खपत का लगभग 10 परसेंट हिस्सा केवल कूलिंग में खर्च होता है। एजेंसी का अनुमान है कि 2050 तक यह मांग तीन गुना तक बढ़ सकती है। इसके पीछे दो प्रमुख कारण हैं—जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी और एसी इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि।

     

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अमेरिका का नया समर क्राइसिस: जेब जला रहा एसी

अमेरिका में इस समय बढ़ते बिजली बिल लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं, और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। नेशनल एनर्जी असिस्टेंस डायरेक्टर्स एसोसिएशन के अनुमान के अनुसार, 2025 में अमेरिकी परिवारों का गर्मी के सीजन का औसत बिजली बिल 784 डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले 12 वर्ष में सबसे ज्यादा है। महंगी होती बिजली और लगातार गर्म होते मौसम ने लाखों परिवारों के घरेलू बजट को पटरी से उतार दिया है। हाल ही में किए गए एक सर्वे में पाया गया कि गरीब और मध्यम आय वर्ग के 37 परसेंट परिवार आमतौर कम से कम एक महीने के लिए अपना बिजली बिल  नहीं चुका पा रहे हैं। यानी बिजली का खर्च अब केवल सुविधा का नहीं बल्कि आर्थिक चिंता का विषय बन चुका है।

इस समस्या के पीछे सबसे बड़ा कारण एयर कंडीशनिंग है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोग गर्मी से राहत पाने के लिए अधिक समय तक एसी चला रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय एनर्जी एजेंसी के अनुसार, दुनिया भर में बिजली की कुल खपत का लगभग 10 परसेंट हिस्सा केवल कूलिंग में खर्च होता है। एजेंसी का अनुमान है कि 2050 तक यह मांग तीन गुना तक बढ़ सकती है। इसके पीछे दो प्रमुख कारण हैं—जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी और एसी इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि।

 


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