पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों से कहा है कि वे शहरों में पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) के विस्तार को जल्द से जल्द मंजूरी दें और इसे समय पर पूरा करें। सभी जिलों और स्थानीय निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे वार्ड-वार लक्ष्यों और स्पष्ट समयसीमा के साथ तीन सप्ताह की एक कार्य योजना तैयार करें। यह निर्देश केंद्रीय आवास और शहरी मामलों (एचयूए) के सचिव श्रीनिवास कतिकीथला और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सचिव नीरज मित्तल की अध्यक्षता में हुई एक संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान जारी किए गए। मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, राज्यों और स्थानीय निकायों से पाइपलाइन बिछाने के काम के लिए जल्द से जल्द मंजूरी देने को कहा गया है। अधिकारियों ने उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जहां पाइपलाइन का ढांचा पहले से उपलब्ध है और जहां बहुमंजिला आवासीय सोसायटी हैं, ताकि लगभग 30 लाख लंबित घरेलू कनेक्शन को जल्द से जल्द चालू किया जा सके। प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्यों से जिला और शहर स्तर पर विशेष निगरानी टीम बनाने को भी कहा गया है।