पिछले कुछ सालों में जब से कारोबारी Valuation गिनने-गिनाने का अनोखा खेल शुरू हुआ है तब से आम आदमी की जुबान पर मिलियन, बिलियन, ट्रिलियन डॉलर बार-बार आना आम बात हो गई है भले ही ज्यादातर लोगों को यह पता न हो कि वास्तव में बिलियन या ट्रिलियन होता कितना है। यह सच है कि दुनिया भर में सफल कारोबारी व गणित के विद्वान भी बिलियन, ट्रिलियन जैसे किसी Amount की अपने दिमाग में कल्पना करने में परेशानी महसूस करते हैं। आजकल मिलियन, बिलियन, ट्रिलियन डॉलर का आम बातचीत में इस तरह उपयोग किया जाता है जैसे कि इतने Amount से लोगों का रोज पाला पड़ता हो। यहां तक कि बच्चे भी बड़ी ही सहजता से ऐसे Calculate की बातें करते देखे जा सकते हैं। परिवार में या ऑफिस में अगर पूछा जाए कि 1 ट्रिलियन डॉलर की रुपए में कितनी वेल्यू होती है तो यह तय है कि कोई भी इसका तुरंत जवाब नहीं दे पाएगा और अगर इस वेल्यू को कागज पर लिखने को कहा जाए तो ज्यादातर लोग गच्चा खा जाएंगे। एक रिसर्च में पता चला कि ज्यादातर लोग 1 मिलियन और 1 ट्रिलियन के बीच की वेल्यू को पहली बार में 1 बिलियन मानने की गलती करते हैं जबकि 1 बिलियन जितनी 1 मिलियन के पास की वेल्यू है उतनी ही 1 ट्रिलियन से बहुत दूर है। गौर करने पर पता चलता है कि 1 ट्रिलियन इतना बड़ा नम्बर है जिसे Calculate करने के लिए दिमाग पर नॉर्मल से ज्यादा जोर देना पड़ता है। 1 ट्रिलियन वैसे तो 1 बिलियन से एक हजार गुना ज्यादा वेल्यू है पर यकीन मानिए कि अगर किसी को इसकी 1 लाख गुना ज्यादा जितनी वेल्यू बता दी जाए तो वह एक बार तो यकीन कर ही लेगा क्योंकि बिना Spacex किए 1 ट्रिलियन की वेल्यू का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है। हाल ही में एलन मस्क Ice Age के आईपीओ के बाद दुनिया के पहले 1 ट्रिलियन डॉलर की वर्थ वाले व्यक्ति बने है। 1 ट्रिलियन डॉलर की वेल्यू है 1 लाख करोड़ डॉलर। रुपए में यह होती है करीब 95 लाख करोड़ रुपये यानि 9,50,00,00,00,00,000 रुपए। यह ज्यादा पुरानी बात नहीं है जब 1 ट्रिलियन डॉलर की नेटवर्थ किसी एक व्यक्ति की होना लगभग नामुमकिन ही माना जाता था। पूरी दुनिया में 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की त्रष्ठक्क वाले सिर्फ 20-21 देश है। मिलियन, बिलियन, ट्रिलियन को एक लेखक ने दिलचस्प तरीके से समझाया है।
1 मिलियन सैकण्ड करीब दो हफ्तो के बराबर जितना टाइम है। 1 बिलियन सैकण्ड हमें वर्ष 1994 तक ले जाते है। जबकि 1 ट्रिलियन सैकण्ड इतना पीछे ले जाते है जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता। जी हां यह सीधे ढ्ढष्द्ग ्रद्दद्ग तक ले जाने जितना समय है यानि 20 हजार साल से ज्यादा जितना समय। इसी तरह 1 मिलियन सिक्के करीब 1.5 किमी ऊंचाई तक जाते है। 1 बिलियन सिक्के करीब 1600 कि.मी. और 1 ट्रिलियन सिक्के इतनी ऊंचाई तक जाते है जिसे आसानी से समझना हो तो यह जानना काफी है कि धरती से चांद तक दो बार जाकर वापिस आया जा सकता है। एक साइंटिस्ट ने कहा कि हम ऐसी दुनिया में जीने लगे हैं जहां हो रही घटनाओं को समझने के लिए ज्यादातर लोग बने ही नहीं है। उदाहरण के लिए बिलियन, ट्रिलियन जैसे नम्बरों को समझना हर किसी के बस की बात नहीं है इसलिए ऐसी बड़ी Valuation के छोटे-छोटे नाम रखे गए हैं जिन्हें कोई भी समझ सकता है। ये 1,2,3 जैसे नम्बरों की तरह बन गए हैं जिन्हें हर कोई जानता है। नम्बर या वेल्यू जितनी बड़ी होती जाती है उसे समझना या जान पाना उतना ही मुश्किल होता जाता है। खास बात यह है कि 1 मिलियन से 1 ट्रिलियन के बीच के नम्बरों को आसानी से समझना मुश्किल होता है। कारोबारों की सफलता और उनके फ्यचूर को Valuation के दम पर आंकने का नया फार्मूला कई ऐसी बातों व कारोबारी हकीकतों पर परदा डालने का जरिया बन गया है जिनका रोल आज भी वैसा ही है जैसा पहले हुआ करता था। मिलियन, बिलियन व ट्रिलियन की बातों के बीच दुनिया में हर किसी को कुछ भी हासिल करना जितना आसान आज लगने लगा है उतना कभी नहीं रहा पर ऐसी किस्मत वाले लोगों की संख्या मिलियन, बिलियन नहीं बल्कि हजारों लाखों से आगे भी नहीं बढ़ पा रही है।