इंडियन स्टॉक मार्केट्स के लिए चालू कैलेंडर ईयर 2026 अब तक तमाम अनिश्चितताओं के कारण एक बुरे सपने के समान साबित हो रहा है। ईरान क्राइसिस के कारण इंवेस्टमेंट सेंटीमेंट इस दौरान नेगेटिव बना रहा व बीएसई सेंसेक्स में 2026 में अब तक करीब 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। विभिन्न सेक्टरों की बात करें तो चालू कैलेंडर ईयर में दर्ज की गई फॉरेन इंवेस्टरों की बिकवाली से जहां कोई भी सेक्टर बच नहीं पाया है पर इनमें भी रियल एस्टेट व आईटी कंपनियों के शेयर सबसे खराब परफॉर्म करने वाले रहे। बीएसई सेंसेक्स में दर्ज की गई 14 प्रतिशत की गिरावट की तुलना में बीएसई रियल्टी इंडेक्स में चालू कैलेंडर ईयर में अब तक 23.3 प्रतिशत जबकि बीएसई आईटी इंडेक्स में 20.27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इन सेक्टरों के सबसे खराब परफॉर्म करने वाले शेयरों में इस दौरान 24 प्रतिशत से लेकर 49 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो रियल एस्टेट सेक्टर में लोढ़ा डवलपर्स के शेयरों में चालू कैलेंडर ईयर में अब तक सबसे ज्यादा 34.39 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके अलावा डीएलएफ, गोदरेज प्रोपर्टीज व प्रेस्टीज एस्टेट्स जैसी बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में भी इस दौरान 24 प्रतिशत से लेकर 28 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह आईटी सेक्टर में 49 प्रतिशत की सबसे अधिक गिरावट सीई इंफोसिस्टम के शेयरों में दर्ज की गई। वहीं न्यूजेन सॉफ्टवेयर, क्विक हील टेक व जेनेसिस इंटरनेशनल लि. जैसी कंपनियों के शेयरों में भी कैलेंडर ईयर 2026 के दौरान अब तक 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
