रेमंड लाइफस्टाइल अब अपने पारंपरिक सूट कारोबार से आगे बढक़र नए क्षेत्रों में विस्तार की तैयारी कर रही है। कंपनी का फोकस हाउस ऑफ ब्रांड्स के तहत अलग-अलग तरह के कपड़ों और फैशन उत्पादों पर बढ़ रहा है। कंपनी के सीईओ ने कहा कि अब कारोबार में सूट का हिस्सा पहले जैसा नहीं रहा है। फिलहाल कंपनी के करीब 47 प्रतिशत रेवेन्यू में हाउस ऑफ ब्रांड्स का योगदान है। रेमंड लाइफस्टाइल इस हिस्से को बढ़ाकर करीब 50 प्रतिशत करना चाहती है। उनके अनुसार, कंपनी का लक्ष्य अपने पुराने और मजबूत ब्रांड नेटवर्क का फायदा उठाते हुए नए उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाना है। इसके तहत प्रीमियम और कैजुअल कपड़ों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। कलरप्लस को कैजुअल ब्रांड के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा, जबकि पाक्र्स को अधिक प्रीमियम कीमत वाले उत्पादों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, ग्राहकों की पसंद में भी बदलाव आया है। अब युवा ग्राहक शर्ट, ट्राउजर, शॉर्ट्स और आरामदायक कपड़ों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसी बदलाव को देखते हुए रेमंड अपने उत्पादों में भी बदलाव कर रही है। कंपनी की योजना एथनिक वियर ब्रांड एथनिक्स के कारोबार को बढ़ाने की भी है। इसके साथ ही रेमंड दूसरे बड़े शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाने और खास मौकों के लिए बनाए गए कपड़ों पर भी ध्यान देगी। कंपनी का मुख्य फोकस मध्यम वर्ग पर रहेगा। कंपनी प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम उत्पादों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर बिकने वाले उत्पादों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहती है। कंपनी की आय में कपड़ों के कारोबार का योगदान फिलहाल करीब 10 प्रतिशत है। इसे अगले 15-20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है। वहीं, कंपनी यूरोप, अमेरिका और दूसरे बाजारों में निर्यात बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि नए उत्पादों, नए बाजारों और बदलती ग्राहक पसंद के सहारे रेमंड लाइफस्टाइल आने वाले समय में अपने कारोबार को और मजबूत कर सकेगी। ई-कॉमर्स पर कम्पनी का ब्राण्डेड ऐपेरल रेवेन्यू करीब दस प्रतिशत है और इसे बढ़ाकर 15-20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।