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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

02-09-2026

रेलवे ने ट्रैक पर कवच सिस्टम की तैनाती के लिए 170 करोड़ रुपए मंजूर किए

  •  भारतीय रेलवे ने कवच 4.0 सिस्टम की तैनाती के लिए 170 करोड़ रुपए को मंजूरी दी है। इसके तहत उत्तरी रेलवे के मुरादाबाद डिवीजन के 712 रूट किलोमीटर के बाकी बचे हिस्सों पर कचव सिस्टम लगाया जाएगा। यह जानकारी सरकार की ओर से मंगलवार को दी गई। रेल मंत्रालय के बयान के अनुसार, मंजूर की गई राशि से स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाकर डिवीजन के सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि कवच 4.0 को लागू करने से चिन्हित सेक्शन में ट्रेन संचालन के लिए सुरक्षा की एक एडवांस्ड लेयर मिलेगी। कवच देश में ही विकसित एक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) सिस्टम है, जिसे ऑपरेशनल सुरक्षा बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह सिग्नल पासिंग एट डेंजर (एसपीएडी) को रोकने में मदद करता है, असुरक्षित स्थितियों से बचने के लिए जरूरत पडऩे पर अपने-आप ब्रेक लगाता है, मुश्किल हालात में ट्रेन की स्पीड को कंट्रोल करता है और ट्रेनों की टक्कर का खतरा काफी कम करता है। बयान में कहा गया है कि यह पहल भारतीय रेलवे की उस लगातार कोशिश का हिस्सा है जिसके तहत वह अपने नेटवर्क पर कवच का दायरा बढ़ा रही है और रेलवे सिग्नलिंग व ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम को आधुनिक बना रही है। मंत्रालय ने जुलाई में बताया था कि भारतीय रेलवे में सुरक्षा में काफी सुधार हुआ है। ट्रेन दुर्घटनाओं की संख्या 2014-15 में 135 से घटकर 2025-26 में 16 रह गई है और चालू वर्ष में जून तक केवल दो दुर्घटनाएं हुई हैं। कॉन्सिक्वेंशियल एक्सीडेंट इंडेक्स (यानी प्रति मिलियन ट्रेन-किलोमीटर होने वाली दुर्घटनाएं) 2014-15 में 0.11 से घटकर 2025-26 में 0.01 हो गया है, जो लगभग 91 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। सुरक्षा से जुड़े कामों पर खर्च लगातार बढ़ा है; यह 2013-14 में 39,200 करोड़ रुपए से बढक़र 2026-27 में 1,20,389 करोड़ रुपए हो गया है। 6,671 स्टेशनों पर सेंट्रलाइज़्ड ऑपरेशन वाले इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाए गए हैं और इन सभी स्टेशनों पर पूरा ट्रैक सर्किटिंग सिस्टम भी लगाया गया है। लेवल क्रॉसिंग (एलसी) गेट्स पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए 10,395 एलसी गेट्स पर इंटरलॉकिंग की सुविधा दी गई है।

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रेलवे ने ट्रैक पर कवच सिस्टम की तैनाती के लिए 170 करोड़ रुपए मंजूर किए

 भारतीय रेलवे ने कवच 4.0 सिस्टम की तैनाती के लिए 170 करोड़ रुपए को मंजूरी दी है। इसके तहत उत्तरी रेलवे के मुरादाबाद डिवीजन के 712 रूट किलोमीटर के बाकी बचे हिस्सों पर कचव सिस्टम लगाया जाएगा। यह जानकारी सरकार की ओर से मंगलवार को दी गई। रेल मंत्रालय के बयान के अनुसार, मंजूर की गई राशि से स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाकर डिवीजन के सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि कवच 4.0 को लागू करने से चिन्हित सेक्शन में ट्रेन संचालन के लिए सुरक्षा की एक एडवांस्ड लेयर मिलेगी। कवच देश में ही विकसित एक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) सिस्टम है, जिसे ऑपरेशनल सुरक्षा बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह सिग्नल पासिंग एट डेंजर (एसपीएडी) को रोकने में मदद करता है, असुरक्षित स्थितियों से बचने के लिए जरूरत पडऩे पर अपने-आप ब्रेक लगाता है, मुश्किल हालात में ट्रेन की स्पीड को कंट्रोल करता है और ट्रेनों की टक्कर का खतरा काफी कम करता है। बयान में कहा गया है कि यह पहल भारतीय रेलवे की उस लगातार कोशिश का हिस्सा है जिसके तहत वह अपने नेटवर्क पर कवच का दायरा बढ़ा रही है और रेलवे सिग्नलिंग व ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम को आधुनिक बना रही है। मंत्रालय ने जुलाई में बताया था कि भारतीय रेलवे में सुरक्षा में काफी सुधार हुआ है। ट्रेन दुर्घटनाओं की संख्या 2014-15 में 135 से घटकर 2025-26 में 16 रह गई है और चालू वर्ष में जून तक केवल दो दुर्घटनाएं हुई हैं। कॉन्सिक्वेंशियल एक्सीडेंट इंडेक्स (यानी प्रति मिलियन ट्रेन-किलोमीटर होने वाली दुर्घटनाएं) 2014-15 में 0.11 से घटकर 2025-26 में 0.01 हो गया है, जो लगभग 91 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। सुरक्षा से जुड़े कामों पर खर्च लगातार बढ़ा है; यह 2013-14 में 39,200 करोड़ रुपए से बढक़र 2026-27 में 1,20,389 करोड़ रुपए हो गया है। 6,671 स्टेशनों पर सेंट्रलाइज़्ड ऑपरेशन वाले इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाए गए हैं और इन सभी स्टेशनों पर पूरा ट्रैक सर्किटिंग सिस्टम भी लगाया गया है। लेवल क्रॉसिंग (एलसी) गेट्स पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए 10,395 एलसी गेट्स पर इंटरलॉकिंग की सुविधा दी गई है।


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