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07-05-2026

दो नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को कैबिनेट ने दी मंजूरी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत दो नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। यह फैसला देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ये दोनों प्रोजेक्ट गुजरात में लगाए जाएंगे, जिनमें कुल मिलाकर करीब 3,936 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इन प्रोजेक्ट्स से लगभग 2,230 स्किल्ड लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इनमें से एक प्रोजेक्ट देश की पहली कमर्शियल मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले फैसिलिटी होगी, जो गैलियम नाइट्राइड (जीएएन) तकनीक पर आधारित होगी। इसके अलावा एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट भी स्थापित की जाएगी। पहला बड़ा प्रोजेक्ट क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड द्वारा गुजरात के धोलेरा में विकसित किया जाएगा। यह प्लांट कंपाउंड सेमीकंडक्टर निर्माण, असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) पर काम करेगा, जिसमें खास फोकस मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले मॉड्यूल बनाने पर रहेगा। यह यूनिट जीएएन फाउंड्री सेवाएं भी देगी और हर साल 72,000 वर्ग मीटर डिस्प्ले पैनल और 24,000 आरजीबी वेफर्स का उत्पादन करेगी। इनका उपयोग टीवी, स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल डिस्प्ले, स्मार्टवॉच और एक्सआर (एक्सटेंडेड रियलिटी) जैसे नए टेक्नोलॉजी डिवाइस में होगा। दूसरा प्रोजेक्ट सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सूरत में लगाया जाएगा। यह एक आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) यूनिट होगी, जिसमें हर साल 1,033 मिलियन से ज्यादा चिप्स का उत्पादन किया जाएगा। ये चिप्स पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, एनालॉग सर्किट्स और इंडस्ट्रियल सिस्टम्स में इस्तेमाल होंगे, जिससे ऑटोमोबाइल, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर को फायदा मिलेगा। इन दो नए प्रोजेक्ट्स के साथ भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत कुल प्रोजेक्ट्स की संख्या 12 हो गई है और कुल निवेश करीब 1.64 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। सरकार का मानना है कि इससे भारत की सेमीकंडक्टर क्षमता मजबूत होगी और चिप डिजाइन के क्षेत्र में देश की बढ़ती ताकत को और सपोर्ट मिलेगा। सरकार ने यह भी बताया कि देश में सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 315 शैक्षणिक संस्थानों और 104 स्टार्टअप्स को डिजाइन इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट दिया जा रहा है। पहले से मंजूर कई प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से चल रहा है, जिनमें से दो यूनिट्स ने उत्पादन शुरू कर दिया है और दो अन्य जल्द ही काम शुरू करने वाली हैं।

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दो नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को कैबिनेट ने दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत दो नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। यह फैसला देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ये दोनों प्रोजेक्ट गुजरात में लगाए जाएंगे, जिनमें कुल मिलाकर करीब 3,936 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इन प्रोजेक्ट्स से लगभग 2,230 स्किल्ड लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इनमें से एक प्रोजेक्ट देश की पहली कमर्शियल मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले फैसिलिटी होगी, जो गैलियम नाइट्राइड (जीएएन) तकनीक पर आधारित होगी। इसके अलावा एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट भी स्थापित की जाएगी। पहला बड़ा प्रोजेक्ट क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड द्वारा गुजरात के धोलेरा में विकसित किया जाएगा। यह प्लांट कंपाउंड सेमीकंडक्टर निर्माण, असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) पर काम करेगा, जिसमें खास फोकस मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले मॉड्यूल बनाने पर रहेगा। यह यूनिट जीएएन फाउंड्री सेवाएं भी देगी और हर साल 72,000 वर्ग मीटर डिस्प्ले पैनल और 24,000 आरजीबी वेफर्स का उत्पादन करेगी। इनका उपयोग टीवी, स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल डिस्प्ले, स्मार्टवॉच और एक्सआर (एक्सटेंडेड रियलिटी) जैसे नए टेक्नोलॉजी डिवाइस में होगा। दूसरा प्रोजेक्ट सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सूरत में लगाया जाएगा। यह एक आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) यूनिट होगी, जिसमें हर साल 1,033 मिलियन से ज्यादा चिप्स का उत्पादन किया जाएगा। ये चिप्स पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, एनालॉग सर्किट्स और इंडस्ट्रियल सिस्टम्स में इस्तेमाल होंगे, जिससे ऑटोमोबाइल, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर को फायदा मिलेगा। इन दो नए प्रोजेक्ट्स के साथ भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत कुल प्रोजेक्ट्स की संख्या 12 हो गई है और कुल निवेश करीब 1.64 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। सरकार का मानना है कि इससे भारत की सेमीकंडक्टर क्षमता मजबूत होगी और चिप डिजाइन के क्षेत्र में देश की बढ़ती ताकत को और सपोर्ट मिलेगा। सरकार ने यह भी बताया कि देश में सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 315 शैक्षणिक संस्थानों और 104 स्टार्टअप्स को डिजाइन इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट दिया जा रहा है। पहले से मंजूर कई प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से चल रहा है, जिनमें से दो यूनिट्स ने उत्पादन शुरू कर दिया है और दो अन्य जल्द ही काम शुरू करने वाली हैं।


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