गोवा को देश का मोस्ट फेवरेट ट्यूरिस्ट डेस्टीनेशन माना जाता है। यहां पर आने वाले ट्यूरिस्ट की संख्या ज्यादा होती है। गोवा के ट्यूरिज्म मिनिस्टर रोहन ए खाउंटे के अनुसार अब उनका फोकस ट्यूरिस्ट के नम्बर्स पर नहीं हाई वैल्यू, सेस्टेनेबल एक्सपीरियंस देने पर है। गत तीन वर्षों में डोमेस्टिक अराइवल्स करीब छह प्रतिशत और इंटरनेशनल विजिटर्स 3.5 से 4 प्रतिशत बढ़े हैं। वार्षिक स्तर पर करीब 10 मिलियन ट्यूरिस्ट यहां पर आते हैं। यहां पर जैन जी, जैन एल्फा, यंग ट्रेवलर्स शॉर्ट या लांग ट्रिप में काफी संख्या में आते हैं। इसके अलावा परिवार के साथ भी ट्रिप पर आते हैं। यंग गु्रप्स अपने तरीके से गोवा को एक्सप्लोर करते हैं। इंटरनेशनल अराइवल्स सितम्बर से मई के बीच ज्यादा रहते हैं। ब्रिटेन और रूस से सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक आते हैं। इसके अलावा जर्मनी, पोलेंड, सेंट्रल एशिया, अमेरिका के कुछ हिस्सों से भी शुरूआत हो रही है। गोवा की जीडीपी में ट्यूरिज्म करीब 16.4 प्रतिशत का योगदान देता है और करीब चालीस प्रतिशत रोजगार के अवसरों में सहयोग करता है। उनके अनुसार गोवा का लक्ष्य वर्षभर ट्यूरिज्म को आकर्षित करने का है। समुद्री तटों के अलावा मानसून ट्यूरिज्म, सांस्कृतिक त्यौहार, वैलनेस, आयुर्वेद, स्पोर्ट्स, एमआईसीई, वेडिंस, कुकिंग ट्यूरिज्म आदि पर फोकस बढ़ाया जा रहा है। इस प्रकार से पर्यटन को हर सेगमेंट से रफ्तार देने की कोशिश हो रही है।