बंग्लादेश से भारत की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। अमेरिका, बंग्लादेश और ब्रिटेन तीन ऐसे देश हैं, जहां से टोटल अराइवल्स करीब 45 प्रतिशत रहते हैं। वर्ष 2019 में बंग्लादेश सिंगल लाजेस्ट सोर्स देश था, जहां से टोटल फॉरिन ट्यूरिस्ट अराइवल्स 23.6 प्रतिशत रहे थे। वर्ष 2017 से यह संख्या बीस प्रतिशत से अधिक रही है। 2024 मध्य से बंग्लादेश में पॉलिटिकल क्राइसिस शुरु हुआ और इसने भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या को 17.6 प्रतिशत पर ला दिया। जनवरी-मार्च के बीच बंग्लादेश टॉप सोर्स मार्केट में रहा लेकिन अपे्रल-जून, 2025 में भागीदारी केवल 5.7 प्रतिशत रह गई। क्राइसिस का असर साफ तौर पर पर्यटकों की संख्या में देखा जा सकता है। लोकसभा में केन्द्र सरकार ने 2025 में फॉरिन अराइवल्स की कमी के बारे में कहा था कि बंग्लादेश से ट्यूरिस्ट की संख्या काफी घट गई है। एक्सपर्ट्स के अनुसार नवम्बर माह से चीनी पर्यटकों के लिये ट्यूरिस्ट वीजा नियमों में सरलता से विदेशी पर्यटकों की संख्या को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इंटरनेशनल अराइवल्स की बात करें तो जनवरी-सितम्बर, 2025 के बीच 12 प्रतिशत कमी रही है।
