TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

13-06-2026

एपेरल मार्केट का साइज 2030-31 तक 33 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य

  •  केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक देश के कपड़ा बाजार का आकार बढ़ाकर 33 लाख करोड़ रुपये करना है। वर्तमान में घरेलू बाजार और निर्यात को मिलाकर इसका आकार करीब 16 लाख करोड़ रुपये है। मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के दौरान कपड़ा मंत्रालय की उपलब्धियों और पहल की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि हथकरघा बुनकरों को प्रशिक्षण, कच्चा माल, डिजाइन, प्रौद्योगिकी और बाजार उपलब्ध कराकर उनकी वार्षिक आय बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि हथकरघा क्षेत्र में हमारे पास 29 बुनाई सेवा केंद्र हैं। पूर्वोत्तर के गुवाहाटी से शुरू होकर यह मॉडल छह राज्यों में स्थापित किया जा चुका है। यहां हमारा उद्देश्य बुनकरों को कुशल बनाना और उनके कौशल को निखारना है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें आवश्यक कच्चा माल, डिजाइन और तकनीक के साथ-साथ कपड़ों के लिए बाजार भी उपलब्ध कराया जाता है। इसके माध्यम से हमारा लक्ष्य हर बुनकर की आय बढ़ाकर पांच लाख रुपये सालाना करना है। उन्होंने कहा कि कपड़ा क्षेत्र में औपचारिक रूप से कार्यरत लोगों की संख्या वर्ष 2014 के 2.8 करोड़ से बढक़र 2024-25 में 5.3 करोड़ हो गई है। सिंह ने कहा कि हमने कपड़ा बाजार का आकार 8.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 16 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।

Share
एपेरल मार्केट का साइज 2030-31 तक 33 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य

 केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक देश के कपड़ा बाजार का आकार बढ़ाकर 33 लाख करोड़ रुपये करना है। वर्तमान में घरेलू बाजार और निर्यात को मिलाकर इसका आकार करीब 16 लाख करोड़ रुपये है। मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के दौरान कपड़ा मंत्रालय की उपलब्धियों और पहल की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि हथकरघा बुनकरों को प्रशिक्षण, कच्चा माल, डिजाइन, प्रौद्योगिकी और बाजार उपलब्ध कराकर उनकी वार्षिक आय बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि हथकरघा क्षेत्र में हमारे पास 29 बुनाई सेवा केंद्र हैं। पूर्वोत्तर के गुवाहाटी से शुरू होकर यह मॉडल छह राज्यों में स्थापित किया जा चुका है। यहां हमारा उद्देश्य बुनकरों को कुशल बनाना और उनके कौशल को निखारना है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें आवश्यक कच्चा माल, डिजाइन और तकनीक के साथ-साथ कपड़ों के लिए बाजार भी उपलब्ध कराया जाता है। इसके माध्यम से हमारा लक्ष्य हर बुनकर की आय बढ़ाकर पांच लाख रुपये सालाना करना है। उन्होंने कहा कि कपड़ा क्षेत्र में औपचारिक रूप से कार्यरत लोगों की संख्या वर्ष 2014 के 2.8 करोड़ से बढक़र 2024-25 में 5.3 करोड़ हो गई है। सिंह ने कहा कि हमने कपड़ा बाजार का आकार 8.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 16 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news