एपेरल्स, गैजेट्स, फैशन एंड लाइफस्टाइल, पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स आदि के साथ ही अब फूड पोर्टफोलियो कीभाग्यविधाता भी यंग जेनरेशन बन रही है। जेनरेशन जेड कन्ज्युमर्स पैक्ड फूड कम्पनियों के निर्णय का आधार बन रहे हैं। ग्रॉसरी इसेंशियल्स की एवरीडे सेल्स पर भी जेन जी की पसंद हावी हो रही है। मैरिको इन्डिया की मैनेजिंग डायरेक्टर के अनुसार यदि हमें अपने रेवेन्यू को दोगुना करना है तो यह तय करना होगा कि हम फ्यूचर रैडी रहे और अपने पोर्टफोलियो को जेन जेड और मिलेनियल्स के अनुसार लाइनअप करें। कम्पनी सफोला एडीबल ऑइल, पैराशूट हेयर केयर प्रोडक्ट्स आदि की बिक्री करती है। रिसर्च फर्म इपोस की रिपोर्ट के अनुसार देश का नेक्स्ट फूड रिवोल्यूशन यंग कन्ज्युमर्स के हवाले है। हैल्थ के प्रति जागरुकता, डिजिटल कनैक्ट, सस्टेनेबिलिटी को अब सेंटर में जेन जेड कन्ज्यूमर्स को रखना होगा। देश की करीब 35 प्रतिशत कन्जम्पशन स्पेंडिंग जेन जेड के आसपास है। नेस्ले इन्डिया के मैनेजिंग डायरेक्टर के अनुसार वे कॉलेज के स्टूडेंट्स को देखते हैं कि वे कैसे खरीदने से पहले लेबल्स, प्रोडक्ट्स की तुलना कर रहे होते हैं। वे नये टेस्ट को तो पसंद करते हैं लेकिन तब उनका फोकस छोटे पैक पर रहता है। एमटीआर बे्रकफास्ट मिक्स मेकर ओरक्ला के मैनेजिंग डायरेक्टर के अनुसार वे रेसीपीज पर काफी रिसर्च कर रहे हैं। देश में हम जैनरेशनल चेंज देख रहे हैं और यह फूड पोर्टफोलियो को भी नये रूप में सैट कर रहा है। सूत्रों के अनुसार अपे्रल, मई माह में डाइट कोक की बिक्री बेहतर रही है और शॉर्टेज हो गई। यंग कन्ज्यूमर्स इसे पसंद करते हैं और इसके खरीददार है। रिपोर्ट के अनुसार 79 प्रतिशत जेनरेशन जेड कन्ज्यूमर्स अपनी डाइट को इम्पू्रव करना चाहते हैं। इसके लिये लाइफस्टाइल प्रोग्राम सैट करते हैं। वे भी हैल्दी इटिंग में भरोसा करते हैं। 83 प्रतिशत ने तो बेहतर स्वास्थ्य के लिये लाइफस्टाइल में परिवर्तन करने की बात कही। इसीलिये तो वर्ष 2022 से 2025 के बीच प्लांट बेस्ड फूड इंडस्ट्री में करीब 19 प्रतिशत की वृद्धि रही। इससे यह पता चलता है कि बेशक जेनरेशन जेड नई रेसीपीज को ट्राय करने का रिस्क लेते हैं लेकिन साथ ही हैल्दी फूड की सिफारिश भी करते हैं। ऐसे में कम्पनियां उनकी पसंद के अनुसार पोर्टफोलियो को लाइनअप कर रही है।