एयर इंडिया ने केंद्र सरकार के ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के तहत अपनी उड़ानों के लिए बुकिंग शुरू की। इस मॉडल के तहत पहली उड़ान सेवा 25 जून को वाराणसी से शुरू होगी। ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के तहत, वाराणसी जैसे मझोले यानी ‘स्पोक’ शहरों को दिल्ली जैसे बड़े यानी हब एयरपोर्ट से जोड़ा जाता है, जहां से यात्री एयर इंडिया के बड़े ग्लोबल नेटवर्क का आसानी से लाभ उठा सकते हैं। एयर इंडिया ने बयान में कहा कि ईजी कनेक्ट उड़ानों के तौर पर शुरू की गई ये सेवाएं यात्रियों को बड़े केंद्र से दूर छोटे शहरों से भी अपना सामान जमा करने और शुरुआती एयरपोर्ट पर ही आव्रजन की प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा देती हैं, ताकि वे दुनिया भर में आसानी से यात्रा कर सकें। एयर इंडिया ने कहा कि इस व्यवस्था से मझोले शहरों के यात्री एक ही ‘हब’ के जरिये कई इंटरनेशनल डेस्टीनेशंस तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इसमें आसान पारगमन का अनुभव मिलेगा। एयरलाइन ने कहा कि वह आने वाले महीनों में कई शहरों में ईजी कनेक्ट उड़ानों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करेगी, ताकि भारत के मझोले और छोटे शहरों से बड़े पैमाने पर आसान इंटरनेशनल कनेक्टिविटी मिल सके। इस सुविधा के तहत यात्री अपनी अंतिम मंजिल तक के लिए ‘थ्रू चेक-इन’ कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, वाराणसी जैसे शहर के यात्री अपने शहर के हवाई अड्डे पर ही अपनी लास्ट इंटरनेशनल डेस्टीनेशन तक के लिए चेक-इन कर सकते हैं। उन्हें दिल्ली जैसे हवाई अड्डे पर अपना सामान लेने या दोबारा चेक-इन करने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, यात्री अपने शुरुआती एयरपोर्ट पर ही इंटरनेशनल इमीगे्रशन की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे, जिससे उन्हें ‘हब’ यानी बढ़े शहर के एयरपोर्ट पर लंबी लाइन और प्रोसेसिंग से नहीं गुजरना पड़ेगा।