मानसून पहुंचने के बाद से केरल समेत दक्षिण भारत के विभिन्न प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इसकी वजह से विभिन्न नीलामियों में पिछले कुछ दिनों के दौरान आवक में आई कमी आ रही है। आगामी दिनों में हाजिर में छोटी इलायची थोड़ी-बहुत बढ़ सकती है। छोटी इलायची की तेजी-मंदी के सम्बन्ध में नवीनतम जानकारियां मिलती रहती हैं और उन्हें इससे लाभ भी होता है। केरल में मानसून आ गया है। गत 4 जून को केरल में मानसून पहुंच गया था। मानसून आने के बाद से केरल समेेत दक्षिण भारत के विभिन्न छोटी इलायची उत्पादक क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होने की खबरें आ रही हैं। हालांकि अभी पूरे दक्षिण भारत में अभी मानसून नहीं पहुंचा है। दूसरी ओर, ईरान तथा अमेरिका में एक समझौता होने की भी रिपोर्ट मिल रही हैं। हालांकि अभी इस रिपोर्ट की पुष्टिï नहीं की जा सकती है लेकिन इसमें बताया गया है कि ईरान की ज्यादातर प्रमुख मांगों को मान लिया गया है। देश में छोटी इलायची की फसल करीब एक महीने बाद शुरू होने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। अभी इसके उत्पादन की तस्वीर साफ नहीं है। हालांकि 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान युद्ध की वजह से निर्यातकों की मांग प्रभावित हो रही है। बहरहाल, नीलामियों में छोटी इलायची की आवक में कमी आती जा रही है। इन पंक्तियों के लिखे जाने के समय हुई आरएनएस स्पाइसेज नीलामी में छोटी इलायची की आवक गिरकर 61,572 किलोग्राम की होने की सूचना मिली। आवक तुलनात्मक रूप से नीची होने लिवाली बढऩे से इसकी औसत नीलामी कीमत तेज होकर 2670.75 रुपए प्रति किलोग्राम रह जाने की सूचना मिली। इससे पूर्व 3 जून को हुई इस नीलामी में इसकी 80,492 किलोग्राम की आवक हुई थी तथा इसकी औसत नीलामी कीमत 2558.33 रुपए प्रति किलोग्राम रही थी। उधर, ग्वाटेमाला की छोटी इलायची की कीमत तुलनात्मक रूप से ऊंची बनी होने से भी स्थानीय छोटी इलायची की तेजी को समर्थन मिल रहा है। इसकी वजह से भारतीय छोटी इलायची की निर्यात मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। राजधानी स्थित थोक किराना बाजार में लिवाली बढऩे से छोटी इलायची साढ़े सात एमएम हाल ही में 50 रुपए मंदी होकर फिलहाल 2600/2700 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है। इससे पूर्व हाल ही में इसमें 100 रुपए की तेजी आई थी। मसाला बोर्ड के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में देश से 3671.98 करोड़ रुपए मूल्य की कुल 15,050 टन छोटी इलायची का निर्यात हुआ है। एक वर्ष पूर्व की आलोच्य अवधि में इसकी 6728 टन मात्रा का निर्यात हुआ था और इससे 1566.82 करोड़ रुपए की आय हुई थी। इससे पता चलता है कि इसके मात्रात्मक निर्यात में 124 प्रतिशत और आय में 134 प्रतिशत का उछाल आया है। आने वाले दिनों में छोटी इलायची में मजबूती बनी रह सकती है।